Jitiya Vrat 2025: क्या पुरुष भी रख सकते हैं जितिया व्रत? जानें परंपरा और धार्मिक मान्यताएं

Jitiya Vrat 2025: जीवित्पुत्रिका व्रत हिंदू धर्म में विशेष रूप से माताओं द्वारा संतान की लंबी उम्र और कल्याण के लिए रखा जाता है. हालांकि, धर्मग्रंथों में पुरुषों द्वारा व्रत रखने पर कोई प्रतिबंध नहीं है. अगर पुरुष श्रद्धा और नियमों के साथ व्रत करें, तो यह फलदायी माना जाता है.

Jitiya Vrat 2025: जितिया व्रत या जीवित्पुत्रिका व्रत हिन्दू धर्म में विशेष रूप से माताओं द्वारा मनाया जाने वाला पवित्र व्रत है. इसे माताएं अपने संतान, विशेषकर पुत्र की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना से रखती हैं. इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास करती हैं और संध्या समय जीमूतवाहन देव की पूजा करती हैं.

परंपरा और रीति-रिवाज

अधिकतर क्षेत्रों में, खासकर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में, पुरुषों द्वारा जितिया व्रत नहीं रखा जाता. इसका मुख्य कारण यह माना जाता है कि यह व्रत माताओं के त्याग, श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है. माताएं अपने बच्चों के कल्याण के लिए कठोर नियमों और कठिन उपवास का पालन करती हैं, जो व्रत का प्रमुख उद्देश्य होता है.

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क्या पुरुष भी रख सकते हैं जितिया का व्रत ?

धर्मग्रंथों और पुराणों में कहीं भी स्पष्ट रूप से ऐसा नियम नहीं है कि पुरुष जितिया व्रत नहीं रख सकते. अगर परिवार में कोई महिला सदस्य व्रत नहीं रख सकती, तो पुरुष भी श्रद्धा और निष्ठा के साथ यह व्रत कर सकते हैं. महत्वपूर्ण यह है कि व्रत पूरी श्रद्धा, नियमों और संयम के साथ किया जाए.

व्रत का सही उद्देश्य

कुछ धार्मिक कथाओं में कहा गया है कि व्रत केवल दिखावे या सामाजिक परंपरा के लिए नहीं किया जाना चाहिए. पुरुष यदि श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए व्रत करें, तो इसे धार्मिक दृष्टि से फलदायी माना जाता है. आधुनिक समय में कई परिवारों में पुरुष माताओं के साथ व्रत करके अपने संतान की लंबी उम्र और कल्याण की कामना करते हैं. इससे परिवार में आस्था और विश्वास दोनों मजबूत होते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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