Jaya Ekadashi Vrat Parana Time: माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है. इस साल 29 जनवरी को जया एकादशी का व्रत रखा गया. यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है, मन शांत रहता है, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है. इसी कारण भक्त पूरे दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु का ध्यान करते हैं.
जया एकादशी व्रत का पारण मुहूर्त (व्रत खोलने का समय)
पंचांग के अनुसार 30 जनवरी को सुबह 7:10 बजे सूर्योदय हो चुका है और सुबह 11:09 बजे एकादशी तिथि समाप्त हो जाएगी. जया एकादशी का व्रत खोलने का सबसे अच्छा समय है सुबह 7:10 से 9:20 बजे तक. अगर किसी वजह से इस समय व्रत नहीं खोल पाए, तो दोपहर (मध्यान्ह) के बाद ही पारण करें.
जया एकादशी व्रत की आसान पारण विधि
- पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.
- साफ और पीले रंग के कपड़े पहनें.
- घर के मंदिर में भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं.
- भगवान को चंदन, पीले फूल, पीले चावल, तुलसी के पत्ते, पीले फल और मिठाई चढ़ाएं.
- पूजा के समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें.
- व्रत में हुई किसी भी गलती के लिए भगवान से क्षमा मांगें.
- इसके बाद 7 तुलसी के पत्ते खाकर व्रत खोलें.
पारण के बाद क्या करें?
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- व्रत खोलने के बाद सात्विक भोजन करें.
- ध्यान रखें कि द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले अनाज न खाएं.
- अनाज का सेवन द्वादशी खत्म होने के बाद ही करना शुभ माना जाता है.
