कंफ्यूजन खत्म! जानें होलिका दहन और होली मनाने की सही तारीख

Holi 2025 date in India: इस बार भद्रा के कारण पूरे दिन में रात को होलिका दहन के लिए एक शुभ मुहूर्त उपलब्ध है. यह ध्यान देने योग्य है कि होलिका दहन के समय भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है. होलिका दहन भद्रा के समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा. यहां जानें कि होलिका दहन पर भद्रा कब उपस्थित होगी और कब होलिका दहन करना उचित रहेगा.

Holi 2025 Date in India: रंगों का पर्व होली पारंपरिक रूप से दो दिनों तक मनाया जाता है. पहले दिन होलिका दहन किया जाता है, जिसकी तैयारी होलाष्टक से प्रारंभ होती है. होलाष्टक वह 8 दिनों की अवधि है, जिसमें किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं किए जाते. इस दौरान लोग होलिका जलाने के लिए लकड़ियां और अन्य सामग्री इकट्ठा करना शुरू कर देते हैं. फिर होलिका दहन के दिन होलिका को जलाने के बाद दूसरे दिन रंगवाली होली का उत्सव मनाया जाता है. इस बार होली की डेट को लेकर कंफ्यूजन है, क्योंकि पूर्णिमा तिथि 14 मार्च के सुबह तक है. आइए जानते हैं कि इस वर्ष होलिका दहन और होली की तिथियाँ क्या होंगी.

होलिका दहन पर भद्रा का साया

रंगो के त्योहार होली की तिथि को लेकर लोगों के मन में संशय बना हुआ है. इसी को लेकर राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित राकेश मिश्रा ने बताया कि 13 मार्च गुरुवार को प्रात: 10 बजकर 2 मिनट तक चतुर्दशी तिथि है. इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रहा है, जो शुक्रवार 14 मार्च को सुबह 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. इसबार होलिका दहन में भद्रा का साया है, इसलिए होलिका दहन इसकी समाप्ति के बाद ही रात के 10 बजकर 44 मिनट पर होलिका दहन किया जा सकेगा.

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कब मनााया जाएगा रंगों का त्योहार

शास्त्र प्रमाण के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा की तिथि 15 मार्च को उदया तिथि में पड़ रहा है. इस कारण रंगों का त्योहार होली 15 मार्च को मनाया जायेगा.

इसके साथ धूरखेल, धूलीबंदन और रंगोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा. होलिका के भस्म को माथे पर लगाते हुए आगामी संवत्सर की कुल युक्ति की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी जाएंगी. उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में यह महापर्व अपने आप में अनोखा, अद्भुत और बेजोड़ है. इस दिन सभी के बीच कोई भेदभाव नहीं होता.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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