Guru Purnima 2026: देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में गुरु पूर्णिमा 2026 के अवसर पर परंपरागत विधि-विधान से सरदारी पूजा संपन्न हुई. सावन शुरू होने से एक दिन पहले हुई इस विशेष पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण की व्यवस्था शुरू कर दी गई.
गुरु पूर्णिमा पर विशेष सरदारी पूजा का आयोजन
सावन मास की शुरुआत से पहले 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में पारंपरिक सरदारी पूजा संपन्न हुई. यह पूजा मंदिर की प्राचीन परंपराओं के अनुसार की गई. पुजारी गुड्डू बाबा ने लगभग एक घंटे तक वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की विशेष आराधना की. धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन से पहले होने वाली यह पूजा पूरे श्रावणी मेले के मंगलमय संचालन की कामना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.
सुबह चार बजे खुला बाबा मंदिर का पट
मंदिर प्रशासन के अनुसार बाबा बैद्यनाथ का पट सुबह चार बजे खोला गया. पट खुलते ही सबसे पहले रातभर भगवान शिव पर अर्पित किए गए फूलों और श्रृंगार सामग्री को हटाया गया. इसके बाद परंपरा के अनुसार कच्चा जल पूजा संपन्न हुई. यह अनुष्ठान सदियों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का हिस्सा है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है.
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कच्चा जल पूजा में निभाई गई पारंपरिक व्यवस्था
करीब 20 मिनट तक चली कच्चा जल पूजा में परंपरा के अनुसार केवल पुरोहित समाज के सदस्यों ने भाग लिया. मंदिर की धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए यह पूजा संपन्न कराई गई. इसके बाद पुजारी द्वारा बाबा की नियमित सरदारी पूजा पूरी की गई, जिसमें भगवान शिव का विशेष अभिषेक और पूजन किया गया.
सरदारी पूजा के बाद शुरू हुआ जलार्पण
विशेष पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण प्रारंभ करा दिया. गुरु पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर जल अर्पित किया. 30 जुलाई से शुरू होने वाले सावन और श्रावणी मेले को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की हैं.
संजीव कुमार मिश्रा (संवाददाता, देवघर) की रिर्पोट
