Ganesh Chaturthi Vrat: इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व सोमवार यानी 14 सितंबर को मनाया जाएगा.यह दिन सिर्फ बप्पा की पूजा का नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लाने का भी अवसर है. इस दिन कई कार्यों को करने की मनाही होती है और कई कार्य करना इस दिन शुभ होता है. यहां से जानें गणेश चतुर्थी के दिन क्या करें क्या नहीं.
गणेश चतुर्थी के दिन क्या करें
गणेश चतुर्थी के दिन सुबह उठकर घर की सफाई करें. इस दिन पूजा स्थान की सफाई जरूर करें. मान्यता है कि स्वच्छ और पवित्र स्थान पर पूजा करना शुभ माना जाता है.
गणेश चतुर्थी के दिन सवेरे स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें और स्वच्छ कपड़े पहनकर भगवान गणेश का ध्यान करना चाहिए. कई धार्मिक परंपराओं में पीले और लाल वस्त्र को पहनना शुभ होता है. इसके बाद पूजा के स्थान पर गणपति की प्रतिमा स्थापित करें.
गणेश जी को प्रिय चीजें अर्पित करें
गणेश जी की पूजा में भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, लड्डू, लाल फूल और फल अर्पित करने की परंपरा है.दूर्वा अर्पित करते समय श्रद्धा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
सात्विक भोजन करें
यदि संभव हो तो गणेश चतुर्थी के दिन सात्विक भोजन का सेवन करें. गणेश चतुर्थी के दिन फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना या सेंधा नमक से बने सात्विक व्यंजन ग्रहण करने की परंपरा है.
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गणेश चतुर्थी व्रत में क्या न करें?
तामसिक भोजन से बचें
व्रत के दिन प्याज -लहसुन ,मांसाहारी भोजन, तंबाकू और शराब का सेवन बिलकुल न करें.
क्रोध और विवाद से बचें
गणेश चतुर्थी के दिन वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें. इस दिन किसी को अपशब्द बोलने से बचें. इसके अलावा इस दिन झूठ बोलने और अनावश्यक विवाद से बचें.
गणेश जी की पूजा अधूरी न छोड़ें
गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा को दूर्वा, फूल, फल और नैवेद्य अर्पित करने की मान्यता है. इस दिन पूजा के बाद बची सामग्री, को इधर उधर फेंके नहीं. पूजा अवशेष और गैर-जैविक कचरे का अलग-अलग निपटान करें.
गणेश चतुर्थी पर शुभ रंग
कुछ परंपराओं में काले वस्त्र धारण न करने की सलाह दी जीता है. कुछ पूजा परंपराओं में गणेश चतुर्थी पर पीले, लाल या नारंगी रंग के वस्त्र पहनने को शुभ माना जाता है.
चंद्र दर्शन को लेकर क्या है मान्यता
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि कई परंपराओं में इस दिन चंद्रमा को देखने से बचने की सलाह दी जाती है, कहीं कहीं चंद्र दर्शन की मनाही होती है. इसलिए अपने क्षेत्र की पंचांग परंपरा के अनुसार चतुर्थी तिथि और चंद्र दर्शन संबंधी नियमों का पालन करना चाहिए।
