भोजन से जुड़ी ये 4 गलतियां ला सकती हैं दरिद्रता, जरूर जानें नियम

Food Mistakes to Avoid: शास्त्रों के अनुसार भोजन से जुड़ी कुछ गलतियां दरिद्रता और नकारात्मकता ला सकती हैं. जानें किन प्रकार के भोजन से बचना चाहिए और क्यों ये नियम महत्वपूर्ण हैं.

Food Mistakes to Avoid: भारतीय परंपरा और शास्त्रों में भोजन को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि पवित्र कर्म माना गया है. इसलिए भोजन करते समय शुद्धता, मर्यादा और कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी बताया गया है. मान्यता है कि इन नियमों का पालन न करने से न केवल स्वास्थ्य बल्कि घर की सुख-समृद्धि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

बाल वाला भोजन क्यों नहीं खाना चाहिए

जिस भोजन में बाल गिर जाए, उसे अशुद्ध माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार ऐसा भोजन दरिद्रता का प्रतीक होता है. यह केवल स्वच्छता के दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी नकारात्मक प्रभाव डालता है. इसलिए ऐसे भोजन को तुरंत अलग कर देना चाहिए.

ठोकर लगा भोजन होता है अशुभ

यदि किसी भोजन को किसी ने पैर से ठोकर मार दी हो, तो उसे खाना अनुचित माना गया है. मान्यता है कि ऐसा भोजन नाली के कीचड़ के समान हो जाता है. यह न केवल अपवित्र होता है, बल्कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा भी प्रभावित होती है.

लांघा हुआ भोजन नहीं करना चाहिए ग्रहण

जिस भोजन के ऊपर से कोई व्यक्ति लांघकर निकल जाए, वह भी अशुद्ध माना जाता है. इसे गंदगी के बराबर समझा गया है. धार्मिक दृष्टि से ऐसे भोजन का सेवन करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए इससे बचना चाहिए.

पति-पत्नी के भोजन से जुड़े नियम

शास्त्रों में पति-पत्नी के भोजन को लेकर भी विशेष नियम बताए गए हैं. एक ही थाली में दोनों का साथ खाना उचित नहीं माना गया है और इसे मदिरा के समान बताया गया है. वहीं, यदि पत्नी पति के भोजन करने के बाद उसी थाली में भोजन करती है, तो इसे शुभ माना गया है और इससे घर में मां लक्ष्मी का वास बना रहता है.

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क्यों जरूरी हैं ये नियम

ये सभी नियम हमें स्वच्छता, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की सीख देते हैं. यदि इनका पालन किया जाए, तो जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

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Published by: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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