Eid ul Fitr 2026: देश के कई हिस्सों में शुक्रवार शाम चांद दिखने की पुष्टि के बाद शनिवार, 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर मनाने का ऐलान कर दिया गया है. जैसे ही चांद दिखने की खबर फैली, बाजारों में रौनक बढ़ गई. कपड़ों, मिठाइयों और खासकर सेवइयों की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है. हर तरफ त्योहार की खुशी और उत्साह का माहौल है.
ईद की तारीख कैसे तय होती है?
ईद-उल-फितर इस्लामी चंद्र कैलेंडर के अनुसार शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाई जाती है. इस्लाम में महीनों की शुरुआत चांद के दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए ईद की तारीख हर साल बदलती रहती है. रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद जैसे ही नया चांद नजर आता है, उसी के साथ ईद का त्योहार मनाने की तैयारी शुरू हो जाती है.
ईद-उल-फितर का धार्मिक महत्व
ईद-उल-फितर का अर्थ है “रोजा खोलने का त्योहार”. यह दिन पूरे महीने की इबादत, संयम और आत्मअनुशासन के बाद खुशी और शुक्रिया अदा करने का अवसर होता है. इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह-सुबह मस्जिदों और ईदगाह में जाकर खास नमाज अदा करते हैं. नमाज से पहले फितरा (दान) देना जरूरी माना जाता है, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी इस त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें.
खुशियों और भाईचारे का पर्व
ईद सिर्फ धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक भी है. इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, बच्चों को ईदी दी जाती है और परिवार व दोस्तों से मिलकर खुशियां बांटी जाती हैं. पुराने गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों को मजबूत करने का यह खास मौका होता है.
सेवइयों की मिठास से बढ़ती है रौनक
ईद का जिक्र सेवइयों के बिना अधूरा है. इस दिन हर घर में मीठी सेवइयां बनती हैं, जो इस त्योहार की पहचान बन चुकी हैं. मेहमानों का स्वागत इन्हीं मिठाइयों से किया जाता है, जिससे त्योहार की मिठास और भी बढ़ जाती है. ईद-उल-फितर दुनियाभर में मनाया जाने वाला एक प्रमुख इस्लामी पर्व है, जो रमजान के खत्म होने की खुशी में मनाया जाता है. यह दिन लोगों को एकता, दया और इंसानियत का संदेश देता है.
