Diwali Laxmi Puja Samagri List: दिवाली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है. यह पर्व कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है और यह पांच दिनों तक चलता है. इस दौरान धन और ऐश्वर्य की देवी, माता लक्ष्मी, और भगवान गणेश की आराधना की जाती है. माना जाता है कि इस समय पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होता है और घर में सकारात्मकता और खुशहाली आती है. दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा के लिए कुछ विशेष सामग्री की आवश्यकता होती है और कुछ नियमों का पालन करना भी आवश्यक होता है. इस लेख के माध्यम से जानिए दिवाली में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में लगने वाली जरूरी सामग्री और विधि के बारे में विस्तार से.
दिवाली पूजा सामग्री लिस्ट (Diwali Puja Samagri List)
- माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर
- हल्दी
- भोग के लिए मिठाई
- फल और फूल
- पान
- भगवान को अर्पित करने के लिए वस्त्र
- अक्षत (चावल)
- चांदी का सिक्का
- घी
- श्रृंगार का सामान – माता और भगवान को अर्पित करने के लिए
- दीपावली की सजावट का सामान
- रंग – रंगोली बनाने के लिए
- मिट्टी के दीए
- शुभ-लाभ सामग्री
- बंधनवार
- लाइट्स – घर सजाने के लिए
दिवाली पूजा तिथि और शुभ मुहूर्त
साल 2025 में दिवाली का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस दिन माता की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त रात 7:08 बजे से शुरू होकर 8:18 बजे तक रहेगा.
पूजा विधि (Puja Vidhi)
दिवाली के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले घर की सफाई करें और स्नान करें. इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करके उसे पवित्र बनाएं.
एक चौकी लें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर चावल का आसन तैयार करें. भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर को उस पर स्थापित करें. चावल की छोटी ढेरी बनाकर घी का बड़ा दीया जलाएं. चौकी के दाईं ओर जल से भरा कलश रखें और उसमें सिक्का, सुपारी और हल्दी डालें. कलश के ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखें.
इसके बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी को तिलक लगाएं और फूलों की माला अर्पित करें. इस दिन माता को खीर, बताशे, गन्ना, मिठाई और फल आदि का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इसके बाद सबसे पहले भगवान गणेश और फिर माता लक्ष्मी की आरती करें और मंत्रों का जाप करें.
पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए माता से क्षमा याचना करें. पूजा समाप्त होने के बाद घर के सभी कोनों, दरवाजों, खिड़कियों और आंगन में दीपक जलाएं.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.
