Diwali 2025 Remedies: दिवाली के दिन करें ये 6 चमत्कारी उपाय, जीवन में हो सकती है धन की बरसात

Diwali 2025 Remedies: 20 अक्टूबर 2025 को दिवाली का त्योहार पूरे देश में मनाया जाएगा. रोशनी के इस मनमोहक त्योहार की रात लोग अपने घरों में माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान गणेश की पूजा करते हैं. इस आर्टिकल में कुछ ज्योतिषीय उपायों के बारे में बताया गया है, जिन्हें दिवाली के दिन करना बहुत ही शुभ माना गया है.

Diwali 2025 Remedies: कल यानी 20 अक्टूबर 2025 को दिवाली का पर्व मनाया जाएगा. दिवाली के दिन लोग दीये और मोमबत्तियां जलाकर, घरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाकर त्योहार का जश्न मनाते हैं. इस दिन धन और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की आराधना की जाती है. माना जाता है कि इस दिन पूजा के फल को बढ़ाने के लिए कुछ विशेष उपाय करना चाहिए.

दिवाली के दिन किन उपायों को करना चाहिए?

  • दिवाली के दिन सुबह उठकर स्नान करें और घर के दरवाजे के बाहर गंगाजल या गुलाबजल का छिड़काव करें. माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए किया गया यह उपाय बहुत शुभ माना जाता है.
  • पूजा संपन्न होने के बाद माता को अर्पित फूलों में से एक लाल कपड़े में रखें. इसके साथ अक्षत, रोली और चंदन रखकर उसे बांध लें और धन रखने वाले स्थान पर रखें. माना जाता है कि इससे धन में स्थिरता आती है.
  • दिवाली के दिन कौड़ियों का उपाय भी किया जा सकता है. कहा जाता है कि कौड़ियों में माता लक्ष्मी का वास होता है. इसलिए इस दिन जलते हुए दीये में दो कौड़ियां डालकर रखना बहुत शुभ माना जाता है.
  • इस दिन घर के आंगन और पूजा स्थल पर रंगोली अवश्य बनाएं. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
  • इस दिन घर की विशेष रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखें. कहा जाता है कि माता लक्ष्मी उसी घर में प्रवेश करती हैं जहाँ स्वच्छता होती है.
  • माता लक्ष्मी को उनका प्रिय पुष्प कमल अवश्य अर्पित करें. इससे माता प्रसन्न होती हैं.

दिवाली के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कितने बजे से शुरू होगा?

दिवाली के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त रात 7 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा.

दिवाली क्यों मनाई जाती है?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को समुद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था. इसलिए हर वर्ष इस तिथि को दिवाली मनाई जाती है.

माता लक्ष्मी किस पर विराजमान होती हैं?

माता लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान होती हैं.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Author: Neha Kumari

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