Diwali 2025 Date: दशहरे के ठीक इतने दिनों बाद मनाई जाती है दिवाली, जानें धार्मिक कारण

Diwali 2025 Actual Date: दशहरा और दिवाली, दोनों ही हिंदू धर्म के प्रमुख पर्व हैं. दशहरा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है, जबकि दिवाली उस विजय का उत्सव. धार्मिक मान्यता के अनुसार, रावण वध के बाद भगवान श्रीराम को अयोध्या लौटने में 20 दिन लगे, तभी दिवाली मनाने की परंपरा शुरू हुई.

Diwali 2025 Date: कल 2 अक्टूबर 2025 को पूरे देश में धूमधाम से दशहरा मनाया गया. इसे विजयादशमी भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की जीत दर्ज की थी. तभी से दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है.

दूसरी ओर, दीपावली कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है. मान्यता है कि रावण वध के बाद जब भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे, तो नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया. तभी से दिवाली दीपों का पर्व बन गया.

Diwali 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • इस साल दीपावली का पावन त्योहार 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को मनाया जाएगा.
  • लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 07:08 बजे से 08:18 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 05:46 से रात 08:18 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 07:08 से रात 09:03 बजे तक
  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 20 अक्टूबर, दोपहर 03:44 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर, शाम 05:54 बजे
  • इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की आराधना करने से धन, सुख-समृद्धि और खुशहाली का वास होता है.

दशहरा और दिवाली के बीच का अंतर

पंचांग के अनुसार, दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाता है, जबकि दिवाली कार्तिक अमावस्या को. इस प्रकार दोनों पर्वों के बीच लगभग 20 दिन का अंतर होता है.

रामायण में वर्णन है कि रावण वध के बाद श्रीराम को लंका से अयोध्या लौटने में 20 दिन लगे. इसी यात्रा की स्मृति में दशहरे और दिवाली के बीच का समय विजय से उत्सव तक का प्रतीक माना जाता है.

दशहरा धर्म की विजय का प्रतीक है और दिवाली उस विजय का उल्लासपूर्ण उत्सव. इन दोनों के बीच का 20 दिन का काल भक्तिभाव, तैयारी और उमंग का प्रतीक है, जो अंततः दीपावली की रोशनी में परिवर्तित होकर हर घर को आलोकित कर देता है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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