Dhanvantari Puja 2024: अकाल मृत्यु व गंभीर रोगों से बचने के लिए करें भगवान धन्वंतरि की पूजा

Dhanvantari Puja 2024: धन्वंतरि पूजा और यज्ञ का आयोजन धन्वंतरि त्रयोदशी के दिन किया जाता है, जो दिवाली पूजा से दो दिन पूर्व कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है. यह पूजा आयुर्वेद के गुरु और जनक, भगवान धन्वंतरि के दिव्य अवतार में भगवान विष्णु की उपस्थिति का प्रतीक है. यहां जानें कि भगवान धन्वंतरि की पूजा कब होगी और इसका क्या महत्व है.

Dhanvantari Puja 2024: धन्वंतरि पूजा और यज्ञ धन्वंतरि त्रयोदशी पर किया जाता है जो दिवाली पूजा से दो दिन पहले कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दौरान मनाया जाता है. यह आयुर्वेद के शिक्षक और जनक, भगवान धन्वंतरि के दिव्य अवतार में भगवान विष्णु की उपस्थिति का प्रतीक है. यहां जानें कब होगी भगवान धनवंतरी की पूजा और इससे क्या प्रभाव पड़ता है.

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान धन्वंतरि को चिकित्सा के देवता के रूप में मान्यता प्राप्त है. उनकी पूजा का उद्देश्य अच्छे स्वास्थ्य और परिवार के सदस्यों के दीर्घ जीवन की प्राप्ति है. धनवंतरी की पूजा वर्ष में एक बार या किसी परिवार के सदस्य की बीमारी के समय की आवश्यकता के अनुसार की जानी चाहिए. प्राचीन मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धनवंतरी अमृत और औषधियों के साथ प्रकट हुए थे. पहले चिकित्सक और सर्जन के रूप में जाने जाने वाले भगवान धनवंतरी को अमरता के देवता के रूप में भी सम्मानित किया जाता है.

भगवान धन्वंतरि की पूजा कब की जाती है

हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है. इस वर्ष 29 अक्टूबर को धनतेरस है. इस शुभ अवसर पर भगवान धन्वन्तरि (Dhanteras 2024) की पूजा की जाती है। साथ ही आर्थिक स्थिति के अनुसार खरीदारी की जाती है.

भगवान धनवंतरी की पूजा के लाभ

बीमारियों से ग्रसित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार
शारीरिक और मानसिक समस्याओं से मिलती है निजात
पुरानी बीमारियों से राहत प्राप्त होती है
लंबा और स्वस्थ जीवन प्राप्त होता है
अच्छे स्वास्थ्य, ऊर्जा और शक्ति के लिए
भगवान धनवंतरि का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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