देवशयनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, वरना भगवान विष्णु हो सकते हैं नाराज

देवशयनी एकादशी पर कुछ खास गलतियां भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को अप्रसन्न कर सकती हैं. इस एकादशी पर चावल, तुलसी तोड़ना, तामसिक भोजन और वाद-विवाद से बचना चाहिए. जानें विस्तृत जानकारी.

Devshayani Ekadashi: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत रखा जाता है. हर एकादशी का नाम और महत्व अलग-अलग होता है. आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है, क्योंकि इसी दिन से जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं. मान्यता है कि इस पवित्र दिन पर की गई कुछ गलतियां भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को अप्रसन्न कर सकती हैं. आइए जानते हैं कि देवशयनी एकादशी के दिन किन गलतियों से बचना चाहिए.

देवशयनी एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

चावल का सेवन न करें

एकादशी तिथि पर चावल का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन चावल खाने से महर्षि मेधा के अंश का अपमान होता है, जिससे व्यक्ति को दोष लगता है.

तुलसी के पत्ते न तोड़ें

देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. मान्यता है कि इस दिन माता तुलसी भी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. ऐसे में उनके पत्ते तोड़ने से उनका व्रत खंडित होता है.

तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें

इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा तथा किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्रत-पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता.

क्रोध, विवाद और अपशब्दों से बचें

एकादशी का व्रत केवल खान-पान में संयम रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि मन, वचन और कर्म की पवित्रता का भी प्रतीक है. इसलिए इस दिन किसी का अपमान न करें, किसी से वाद-विवाद न करें और न ही चुगली या अपशब्दों का प्रयोग करें.

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By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

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