Chandra Grahan 2026 Do's and Don'ts: साल 2026 का अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगने वाला है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल को विशेष समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान कुछ कामों से बचने और कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि सावधानी और पूजा-पाठ के जरिए मन को शांत रखा जा सकता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बता रहे हैं चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और किन बातों से बचें.
चंद्र ग्रहण में भूलकर भी न करें ये 5 काम
ग्रहण काल में भोजन करने से बचें
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण शुरू होने से पहले भोजन कर लेना चाहिए और ग्रहण काल में खाने-पीने से बचना चाहिए. पहले से बने भोजन और पानी में तुलसी के पत्ते डालकर रखने की परंपरा भी है.
मांगलिक और शुभ कार्य न करें
ग्रहण काल के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन या अन्य शुभ कार्यों को टालने की मान्यता है. इस समय नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से भी बचना चाहिए.
देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करें
धार्मिक परंपराओं में ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रखने और मूर्तियों या अन्य पवित्र वस्तुओं को स्पर्श न करने की सलाह दी जाती है. हालांकि, मन ही मन भगवान का स्मरण और मंत्र जाप किया जा सकता है.
गर्भवती महिलाएं विशेष सावधानी रखें
लोकमान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. उन्हें भारी काम और अनावश्यक तनाव से बचना चाहिए. हालांकि, ग्रहण से गर्भस्थ शिशु को नुकसान होने के वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं, इसलिए डरने के बजाय सामान्य स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखना बेहतर है.
ये भी पढ़ें: चंद्रग्रहण में भूलकर भी न करें ये 5 काम, बिगड़ जाएगा ग्रह-नक्षत्रों का संतुलन
भारी काम और तनाव से दूर रहें
चंद्रग्रहण के समय खुद को तनाव में रखने या जरूरत से ज्यादा शारीरिक परिश्रम करने से बचें. इस दौरान ध्यान, प्रार्थना या मंत्र जाप करके मन को शांत रखा जा सकता है.
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या नहीं?
- भगवान विष्णु और चंद्र देव का स्मरण करें और अपनी आस्था के अनुसार मंत्र जाप करें.
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर घर की साफ-सफाई करें.
- जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान कर सकते हैं.
- भोजन और पानी को तुलसी के पत्तों से ढककर या तुलसी डालकर रखने की धार्मिक परंपरा का पालन किया जाता है.
ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया? जानें भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं!
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय संयम और सावधानी बरतना शुभ माना जाता है. हालांकि, इन मान्यताओं को आस्था के रूप में देखें और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में वैज्ञानिक और चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता दें.
