Pithori Amavasya Upay: अमावस्या तिथि को पितृ देव की कृपा पाने का शुभ अवसर माना गया है. धर्मशास्त्र के अनुसार, अमावस्या के दिन कुछ जगहों पर पूर्वजों के निमित्त दीया जलाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. साथ ही, यह उपाय पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए मददगार है. पिठोरी अमावस्या पर किन जगहों पर दीया जलाना पूर्वजों की पाने के लिए खास है, जानिए.
दक्षिण दिशा में होता है पूर्वजों का वास
धर्मशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा पितृ देव को समर्पित है. इस दिशा में पूर्वजों का वास माना गया है. इसलिए पिठोरी अमावस्या पर दक्षिण दिशा में पूर्वज के नाम का एक दीया जलाना चाहिए. मान्यतानुसार, इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं. साथ ही उनकी कृपा प्राप्त होती है. पूर्वजों की कृपा से पितृ दोष दूर होने की मान्यता है. इस दिन घर के बाहर एक दक्षिण दिशा में एक दीया जलाएं. यहां ध्यान रखना है कि दीया की लौ दक्षिण दिशा की ओर हो.
ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: कब से शुरू होगा पितृ पक्ष? किस तारीख को करें पूर्वजों का तर्पण, श्राद्ध या पिंडदान
पीपल वृक्ष के नीचे दीया जलाने से दूर होगा पितृ दोष
धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष के नीचे एक दीया शुभ और कल्याणकारी है. ऐसा इसलिए क्योंकि मान्यतानुसार, पीपल में पितर का वास होता है. पिठोरी अमावस्या दीया से जुड़ा उपाय करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे पितृ दोष शांत होता है.
नकारात्मक ऊर्जा दूर करेगा मुख्य द्वार का दीया
पिठोरी अमावस्या के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर भी एक दीया जलाना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुख्य द्वार पर दीया जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता. साथ ही इससे देवता भी प्रसन्न होते हैं.
पवित्र नदी में दीप दान से खुशहाल रहेगा परिवार
भाद्रपद यानी पिठोरी अमावस्या पर पवित्र नदी में दीप दान की परंपरा है. धर्मशास्त्र के अनुसार, इस दिन नदी में दीप दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं. साथ ही पितृ दोष का असर कम होता है. जीवन में खुशहाली और सुख-समृद्धि के लिए भी अमावस्या के दिन का यह उपाय खास माना गया है.
ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व
अमावस्या पर किस चीज का दीया जलाएं
पंडित मणिभूषण झा ने बताया कि अमावस्या के दिन पूर्वजों के निमित्त सरसों के तेल का दीया जलाना शुभ है. चूंकि, इस दिन गुरुवार का संयोग बन रहा है इसलिए दीया जलाने के लिए शुद्ध घी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर शुद्ध सरसों का तेल या घी उपलब्ध न हो सके, तो तिल के तेल को प्रयोग में लाया जा सकता है.
