Anant Chaturdashi 2026: कौन हैं'अनंत भगवान', जानें अनंत चतुर्दशी व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त

Anant Chaturdashi 2026: जानिए अनंत चतुर्दशी पर्व का महत्व, भगवान अनंत कौन हैं और उनकी पूजा कब होगी. इस लेख में पाएं विस्तृत जानकारी.

Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी हिंदुओं का पवित्र पर्व है. धार्मिक और पौराणिक मान्यतानुसार, इस पर्व की महिमा अनंत है. स्कन्दपुराण, ब्रह्मपुराण और भविष्य पुराण के अनुसार भाद्रपद (भादो) माह के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी 'अनंत चतुर्दशी' नाम से प्रसिद्ध है. इस दिन भगवान अनंत का पूजन किया जाता है. क्या आप जानते हैं कि अनंत भगवान कौन हैं और अनंत चतुर्दशी के दिन उनकी पूजा क्यों होती है?

क्या होता है अनंत का मतलब?

अनंत का मतलब होता है- वह वस्तु जिसका अन्त न हो (न+अंत=अनंत). इसलिए अनंत भगवान का पूजनोत्सव उस निराकार भगवान का पूजनोत्सव है, जो सर्वव्यापी हैं और जिसका कभी न आदि है और न अन्त ही है.

क्या खास देवता हैं अनंत भगवान?

कुछ लोग अनंत देव को खास देवता मानते हैं. लेकिन शास्त्रों के अनुसार यह भ्रम है. पौराणिक कथा के अनुसार, कौंडिल्य मुनि अनंत भगवान की खोज में जंगल-जंगल घूमते रहे. लेकिन उन्हें अनंत देव का पता न चला. पता कैसे चलता, वह तो उसके शरीर में मौजूद थे.

कब होती है अनंत भगवान की पूजा?

भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी के दिन व्रत रखकर अनंत भगवान के पूजन की परंपरा है. मान्यतानुसार, इस दिन व्रत रखने से सभी कामनाओं की पूर्ति हो जाती है. अनंत भगवान का पूजन और व्रत की महिमा को लेकर भविष्य पुराण के उत्तर पर्व के 95वें अध्याय में कथा के रूप पर विस्तार से बताया गया है.

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कौन हैं अनंत भगवान?

भविष्य पुराण के अनुसार, दुर्योधन द्वारा द्यूत क्रीड़ा (जुआ) में पराजित किए जाने और द्रौपदी व अन्य भाइयों के साथ युधिष्ठिर को 12 वर्षों के वनवास का कष्ट भोगना पड़ा था. जब वे वन के कष्ट को सह रहे थे, उस दौरान संयोग से श्रीकृष्ण वहां पहुंचे. पूछने पर इन्होंने युधिष्ठिर से कहा- राजन हर प्रकार के पापों को नाश करने वाला कल्याणकारी और सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला अनंत चतुर्दशी नामक एक व्रत है. इसे भादो (भाद्रपद) माह के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को रखा जाता है.

युधिष्ठिर ने श्रीकृष्ण से पूछा और कहा- आपने जो अपना नाम लिया है, क्या ये अनंत शेषनाग हैं या कोई अन्य नाग हैं या परमात्मा हैं? अनंत किसको कहते हैं. इसे आप बताएं. इस पर भगवान श्री कृष्ण ने कहा- "अनंत मेरा ही नान है. कला, काष्ठा (जिसका कोई छोड़ यानी अंत न हो), मुहूर्त, दिन, पक्ष, मास, ऋतु, अयन, संवत्सर, युग और कल्प इत्यादि के रूप में मैं ही मौजूद हूं.

संसार का भार उतारने और दानवों का विनाश करने के लिए वसुदेव के वंश में मैं ही उत्पन्न हुआ हूं. पार्थ- आप मुझे ही विष्णु, हर, शिव, ब्रह्मा, भास्कर, शेष, सर्वव्यापी ईश्वर समझिए और अनंत भी मैं ही हूं. मैंने आपके विश्वास को जगाने के लिए ऐसा कहा है."

भगवान विष्णु (Image- AI Generated)

2026 में कब होगी अनंत भगवान की पूजा?

अनंत भगवान की पूजा भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि (अनंत चतुर्दशी) को की जाती है. इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है. मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को पड़ रही है.

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अनंत चतुर्दशी 2026 शुभ मुहूर्त

  • चतुर्दशी तिथि आरंभ- 24 सितंबर रात 11:18 बजे
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त- 25 सितंबर रात 11: 06 बजे
  • अनंत चतुर्दशी व्रत- 25 सितंबर, शुक्रवार
विवरणतारीख और दिनसमय
चतुर्दशी तिथि आरंभ24 सितंबर, गुरुवाररात 11:18 बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त25 सितंबर, शुक्रवाररात 11: 06 बजे
अनंत चतुर्दशी व्रत25 सितंबर, शुक्रवार

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लेखक के बारे में

By दीपेश कुमार ठाकुर

दीपेश कुमार ठाकुर प्रभात खबर डिजिटल में धर्म और राशिफल सेक्शन लीड के तौर पर सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें लंबे समय का अनुभव है. वह धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, हस्तरेखा शास्त्र और न्यूमेरोलॉजी से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं.

दीपेश कुमार ठाकुर इससे पहले Zee News, News24, Bharat Express, NDTV, Jansatta और Hari Bhoomi जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं. अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने धर्म, अध्यात्म और ज्योतिष के अलावा विभिन्न समसामयिक और उपयोगी विषयों पर भी लेखन किया है.

धर्म और ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों की रुचि के अनुरूप प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. पौराणिक कथाओं, धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय अवधारणाओं, व्रत-त्योहार, पंचांग और राशिफल से जुड़े विषयों पर उनका विशेष लेखन अनुभव है.

उन्होंने संस्कृत साहित्य में स्नातक करने के बाद जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल की है.

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