Akshaya Tritiya Aarti: अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाया जाने वाला अत्यंत पवित्र पर्व है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु, गणेश जी और कुबेर देव की पूजा का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर किया गया दान-पुण्य और सोना-चांदी की खरीदारी जीवन में समृद्धि और सौभाग्य लाती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा. इस दिन विधि-विधान से लक्ष्मी-विष्णु की पूजा करने के बाद उनकी आरती करना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे घर में धन-वैभव और सुख-शांति का वास होता है.
मां लक्ष्मी की आरती (Maa Lakshmi ji ki aarti)
मां लक्ष्मी की आरती
मां लक्ष्मी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निसदिन सेवत,
हर विष्णु विधाता ॥
उमा, रमा, ब्रम्हाणी,
तुम ही जग माता ।
सूर्य चद्रंमा ध्यावत,
नारद ऋषि गाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥
दुर्गा रूप निरंजनि,
सुख-संपत्ति दाता ।
जो कोई तुमको ध्याता,
ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥
तुम ही पाताल निवासनी,
तुम ही शुभदाता ।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी,
भव निधि की त्राता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥
जिस घर तुम रहती हो,
ताँहि में हैं सद्गुण आता ।
सब सभंव हो जाता,
मन नहीं घबराता ॥
।।ॐ जय लक्ष्मी माता…॥
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तुम बिन यज्ञ ना होता,
वस्त्र न कोई पाता ।
खान पान का वैभव,
सब तुमसे आता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…॥
शुभ गुण मंदिर सुंदर,
क्षीरोदधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन,
कोई नहीं पाता ॥
।।ॐ जय लक्ष्मी माता…॥
महालक्ष्मी जी की आरती,
जो कोई नर गाता ।
उँर आंनद समाता,
पाप उतर जाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥
