Aaj Ka Panchang 31 December 2025: आज पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, जानें पंचांग में शुभ-अशुभ समय

Aaj Ka Panchang 31 December 2025: आज का पंचांग हमें शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति के बारे में बताता है, जिससे हम अपने महत्वपूर्ण कार्यों को शुभ समय में शुरू कर सकते हैं और अशुभ समय से बच सकते हैं. पंचांग में ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, योग और करण के बारे में जानकारी होती है, जो हमारे जीवन में संतुलन और सुख-शांति बनाए रखने में मदद करता है.

Aaj Ka Panchang 31 December 2025: आज 31 दिसंबर 2025, दिन बुधवार है. पंचांग के अनुसार आज पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि होगी. आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ समय और उपाय…

Aaj Ka Panchang आज का पंचांग 31 दिसंबर 2025 दिन बुधवार

दिन: बुधवार
तिथि: पौष, शुक्ल पक्ष, द्वादशी
संवत: श्री शुभ संवत 2082
शक संवत: 1947
हिजरी सन: 1447
सूर्योदय: 06:40 AM
सूर्यास्त: 05:09 PM

नक्षत्र, योग व करण

सूर्योदय कालीन नक्षत्र: भरणी (सुबह 09:23 AM तक), उसके बाद कृत्तिका
योग: साध्य (रात 09:14 PM तक), उसके बाद शुभ
करण: बव (दोपहर 03:24 PM तक), उसके बाद बालव

ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)

सूर्य: धनु राशि
चंद्रमा: मेष राशि सुबह 09:23 उपरांत वृषभ राशि में
मंगल: धनु राशि
बुध: धनु राशि
देव गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि (वक्री)
शुक्र: धनु राशि
शनि: मीन राशि
राहु: कुंभ राशि
केतु: सिंह राशि

चौघड़िया मुहूर्त (बुधवार)

प्रातः काल

06:40 AM से 07:59 AM – लाभ
07:59 AM से 09:17 AM – अमृत
09:17 AM से 10:36 AM – काल
10:36 AM से 11:55 AM – शुभ

दोपहर काल

11:55 AM से 01:13 PM – रोग
01:13 PM से 02:32 PM – उद्वेग

सायंकाल

02:32 PM से 03:50 PM – चर
03:50 PM से 05:09 PM – लाभ

खरीदारी के लिए शुभ समय

  • प्रातः 07:59 AM से 09:17 AM तक (अमृत चौघड़िया)
  • प्रातः 10:36 AM से 11:55 AM तक (शुभ चौघड़िया)
  • सायंकाल 03:50 PM से 05:09 PM तक (लाभ चौघड़िया)

अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 12:14 PM से 01:33 PM तक
गुलिक काल: सुबह 10:55 AM से 12:14 PM तक
यमगण्ड: सुबह 07:59 AM से 09:17 AM तक
दिशाशूल: उत्तर दिशा (बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित मानी जाती है)
यदि यात्रा आवश्यक हो तो: धनिया या तिल खाकर घर से निकलें.

आज का सरल उपाय (बुधवार विशेष)

भगवान गणेश को दूर्वा (घास) अर्पित करें और मोदक का भोग लगाएं.
“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें.
कूर्म द्वादशी होने के कारण भगवान विष्णु के ‘कूर्म’ अवतार का स्मरण करना शुभ रहेगा.

चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ
Mo- +91 8620920581

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लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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