जमशेदपुर : शक्ति सम्प्रदाय की प्रमुख देवी हैं मां काली, यह कुल दस महाविद्याओं के स्वरूपों में स्थान पर हैं. शक्ति का महानतम स्वरुप महाविद्याओं का होता है. काली की पूजा-उपासना से भय खत्म होता है. जमशेदपुर में भी बड़े पैमाने पर सार्वजनिन काली पूजा का आयोजन किया जाता है. भव्य पंडाल, प्रतिमा, मेला एवं सांस्कृतिक अनुष्ठान आकर्षण के केंद्र होते हैं.शहर के क्लब एवं मंदिरों में भी मां काली की आराधना की जाती है.
पूजन समय एवं शुभ मुहुर्त
श्री भवानी कलाबीड़ी कदमा के पुरोहित मोहित मुखर्जी ने बताया कि शक्ति की देवी मां काली पूजा करने से रोग,शोक, कष्ट से मुक्ति मिलती है.इस बार काली पूजन में अमृत योग का संयोग बन रहा है. इस समय पूजनकरने से मनचाहा फल प्राप्त होता है. कालीपूजा करने वाले भक्तों को अमावस्या के साथ-साथ उदया तिथि एवं निशि पालन का भी ध्यान रखने की जरूरत है. काली पूजा अमावस में की जाती है. इसके लिए उदया तिथि एवं निशि पालन का ध्यान रखे. मंगलवार 6 अक्तूबर 10 बजकर 2 मिनट के बाद अमावस्या लगने के कारण मां काली की पूजा मंगलवार को ही करना है. महानिशि का पालन इस बार हो रहा है. 10 बजकर पांच मिनट के बाद से पूजन करे. बंगाली समुदाय में उसी दिन चतुदर्श साग भक्षण यानी चौदह साग खाना, चौदह दीये जलाने का विधान है. श्री मुखर्जी ने बताया कि सूर्यास्त के समय अमावस्या तिथि नहीं रहने के कारण 7 नवंबर को दीपावली मनायी जायेगी. दीपावली का शुभ समय 4 बज कर 53 मिनट से शाम 6 बज कर 29 मिनट तक शुभ मुहुर्त है. इसी दिन गणेश-लक्ष्मी का पूजन करें.
