Vijaya Ekadashi 2026 Grah Gochar: कल यानी 13 फरवरी, शुक्रवार का दिन इस बार बेहद खास रहने वाला है. इस दिन विजया एकादशी का पावन व्रत रखा जाएगा. फाल्गुन माह में शिवरात्रि से पहले आने वाली यह एकादशी भगवान लक्ष्मी-नारायण को समर्पित होती है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का आगमन होता है. साथ ही अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिलती है.
13 फरवरी को सूर्य का गोचर
इस बार विजया एकादशी का महत्व और बढ़ गया है क्योंकि इसी दिन सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य का यह गोचर 13 फरवरी को सुबह 4 बजकर 8 मिनट पर होगा. जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन को संक्रांति कहा जाता है. इसलिए इस बार विजया एकादशी के दिन कुंभ संक्रांति का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है.
खास बात यह है कि कुंभ राशि में पहले से ही शनि, राहु, बुध और शुक्र विराजमान हैं. ऐसे में सूर्य के प्रवेश से चार ग्रहों की युति का प्रभाव बनेगा. कुंभ राशि शनिदेव की मूलत्रिकोण राशि मानी जाती है, इसलिए इस गोचर का असर देश-दुनिया और सभी राशियों पर देखने को मिल सकता है.
इन तीन राशियों पर विशेष प्रभाव
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए यह गोचर लाभकारी साबित हो सकता है. करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है. आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है.
सिंह राशि
सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं. इसलिए यह परिवर्तन आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा. साझेदारी और दांपत्य जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. आत्मविश्वास बढ़ेगा और सम्मान में वृद्धि होगी.
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कुंभ राशि
कुंभ राशि में सूर्य का प्रवेश विशेष प्रभाव डालेगा. जीवन में नई जिम्मेदारियां आ सकती हैं. नौकरी या व्यवसाय में बदलाव के योग बन सकते हैं. धैर्य और समझदारी से काम लेना लाभदायक रहेगा.
इस तरह विजया एकादशी और सूर्य गोचर का यह संयोग आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभव
ग्रह शांति, विवाह, धन और करियर विशेषज्ञ
