Shani Effect: ज्योतिष में शनि देव को कर्मफलदाता कहा जाता है. मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. सितंबर में शनि की दृष्टि सूर्य और बुध पर पड़ने से कुछ राशियों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. ऐसे में इन जातकों को मेहनत, धैर्य और सही फैसलों पर ज्यादा ध्यान देना होगा.
मिथुन राशि: मेहनत का मिलेगा फल
ज्योतिषाचार्य नितेश निरंजन बताते हैं कि मिथुन राशि वालों के लिए 17 सितंबर के बाद परिस्थितियां कुछ बदल सकती हैं. इस दिन बुध के कन्या राशि में प्रवेश करने के बाद उस पर शनि की दृष्टि रहेगी. ऐसे में आपको अपने काम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
आप जितनी ईमानदारी और लगन से मेहनत करेंगे, उतने ही अच्छे नतीजे मिलने की संभावना है. काम को जल्दी पूरा करने के चक्कर में शॉर्टकट लेने से बचें. किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने के बजाय अच्छी तरह सोच-विचार करें.
सिंह राशि: धैर्य की होगी परीक्षा
सिंह राशि के जातकों के लिए 17 सितंबर के बाद समय थोड़ा संभलकर चलने वाला हो सकता है. सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने के बाद वह शनि की दृष्टि के प्रभाव में आएंगे. इस दौरान आपको अपने काम और व्यवहार दोनों में संयम रखना होगा. सिर्फ भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय मेहनत पर विश्वास करें. अहंकार को खुद पर हावी न होने दें और बेवजह के विवादों से दूरी बनाए रखें. घर-परिवार के मामलों में भी धैर्य से काम लेना आपके लिए बेहतर रहेगा.
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कन्या राशि: योग्यता साबित करने का समय
कन्या राशि में सूर्य और बुध का गोचर होगा और इन दोनों ग्रहों पर शनि की सीधी दृष्टि रहेगी. ऐसे में आपकी क्षमता और काम करने के तरीके की परीक्षा हो सकती है.
इस दौरान किसी भी काम को हल्के में न लें. अपनी दिनचर्या व्यवस्थित रखें और जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने की कोशिश करें. ज्यादा तनाव महसूस हो तो योग और ध्यान जैसी गतिविधियों से मानसिक शांति पाने की कोशिश कर सकते हैं.
नोट: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है और प्रभात खबर इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है.