Lakshmi Narayan Yog: वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, पितृपक्ष में बुध और शुक्र का मिलन होने जा रहा है. पितृ पक्ष में बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष के आरंभ में यानी 26 सितंबर 2026 को बुध ग्रह तुला राशि में प्रवेश करेगा. शुक्र ग्रह पहले से तुला राशि में विराजमान है. ऐसे में तुला राशि में बुध और शुक्र की युति होगी, जिससे लक्ष्मी नारायण योग बनेगा. ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय ने बताया कि पितृ पक्ष में बनने वाला लक्ष्मी नारायण योग किन पांच राशि के जातकों के जीवन में आर्थिक उन्नति के साथ-साथ रोजगार में नए अवसरों को लेकर आएगा.
वृषभ राशि
लक्ष्मी नारायण योग से करियर में तरक्की के मजबूत योग बनेंगे. नौकरीपेशा जातकों के प्रेम जीवन में साथ का समर्थन मिलेगा. आर्थिक जीवन में उन्नति के योग होने से धन आएगा. निवेश में लगाए हुए धन का रिटर्न मिलेगा. आमदनी बढ़ने से परिवार में खुशहाली आएगी. लेखन कार्य के से जुड़े लोगों को धन लाभ होगा.
कन्या राशि
जो लोग सोने-चांदी का व्यापार कर रहे हैं, उनकी आमदनी में इजाफा होगा. निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है. कारोबार करने वाले लोगों धन को लेकर कोई नया अवसर मिल सकता है. माता-पिता के सहयोग से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.
ये भी पढ़ें: Budhaditya Rajyog: बुधादित्य राजयोग खोलेगा धन-समृद्धि का रास्ता, इन 5 राशि के जातकों का होगा भाग्योदय
तुला राशि
करोबार में धन की स्थिति सम्मानजनक होगी. आमदनी में वृद्धि के कई मजबूत योग हैं. कोई ऐसा काम, जो बहुत समय से नहीं हो पा रहा था वह पूरा होगा. जमीन से जुड़े कार्यों का फैसला पक्ष में आएगा. यात्रा के दौरान जीवनसाथी का साथ मिलेगा, जो मन में आनंद देगा.
धनु राशि
नौकरी करने वाले जातकों की तरक्की के लिए कई योग बनेंगे. लव लाइफ में पार्टनर के करीब पहुंचेंगे. विवाहित लोगों को ससुराल पक्ष को कई शुभ समाचार सुनने को मिलेगा. सौंदर्य प्रसाधन का काम करने की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी.
मीन राशि
भौतिक सुख के साधन बढ़ेंगे. वाहन सुख का आनंद मिलेगा. किसी दोस्त के सहयोग से धन में वृद्धि होगी. विलासिता के साधनों में बढ़ोतरी होगी. लंबे समय से अटका आर्थिक काम पूरा होगा. बिजनेस करने वाले लोगों की दैनिक आमदनी में वृद्धि होगी.
ये भी पढ़ें: Astro Special: क्या होता है ज्योतिष का संधि काल गंडांत? शुभ कार्यों के लिए अशुभ क्यों
कैसे बनता है लक्ष्मी-नारायण योग?
वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक, जब धन का कारक बुध और शुक्र दोनों एक ग्रह में आते हैं, तो ऐसी स्थिति में लक्ष्मी-नारायण योग बनता है. इस योग के प्रभाव से जीवन में आर्थिक समृद्धि के का योग बनता है, वाणी में मधुरता आती है. साथ ही धन और ऐश्वर्य में वृद्धि की संभावना बनती है.