बुध राहु के जड़तत्व योग से क्या थम सकती है देश-दुनिया की चाल

Budh Rahu Jadatva Yog 2026: बुध और राहु के जड़तत्व योग से देश-दुनिया की रफ्तार धीमी हो सकती है. फैसलों में देरी, बाजार में ठहराव और वैश्विक स्तर पर असमंजस की स्थिति बन सकती है.

Budh Rahu Jadatva Yog 2026: 3 फरवरी को बुध ग्रह मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं. कुंभ राशि में बुध 11 अप्रैल तक रहेंगे. इस दौरान कुंभ राशि में पहले से मौजूद राहु के साथ बुध की युति बनी है, जिससे जड़त्व योग का निर्माण हो रहा है. यह योग तब बनता है जब ग्रहों की स्थिति ऐसी हो जाती है कि कामों में रुकावट आने लगती है. जड़तत्व का मतलब होता है ठहराव, धीमी गति और जकड़न. इसका असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के हालात पर भी दिख सकता है.

राजनीति और सरकार पर असर

जड़तत्व योग के कारण सरकारों के फैसले अटक सकते हैं. कई अहम निर्णय लेने में देरी हो सकती है. नीतियों पर काम धीमा पड़ सकता है. सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ सकता है, जिससे जरूरी मुद्दे आगे नहीं बढ़ पाते. आम जनता में भी नाराजगी या निराशा देखने को मिल सकती है.

अर्थव्यवस्था और बाजार की स्थिति

इस योग के दौरान व्यापार और बाजार की रफ्तार धीमी हो सकती है. निवेशक पैसा लगाने से हिचक सकते हैं. शेयर बाजार में ज्यादा हलचल नहीं रहेगी या फिर सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. नौकरी और विकास से जुड़े कामों में भी देरी हो सकती है.

देशों के रिश्तों पर प्रभाव

जड़तत्व योग के चलते देशों के बीच बातचीत और समझौते अटक सकते हैं. कूटनीतिक फैसलों में समय लग सकता है. कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दे लंबे समय तक सुलझ नहीं पाएंगे. कुछ देशों में राजनीतिक अस्थिरता या प्रशासनिक सुस्ती भी दिख सकती है.

मौसम और पर्यावरण पर असर

इस योग का असर प्रकृति पर भी पड़ता है. मौसम लंबे समय तक एक-सा रह सकता है, जैसे ज्यादा ठंड या ज्यादा गर्मी. सूखा, प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़ी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं. प्रकृति का संतुलन थोड़ा बिगड़ सकता है.

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आम लोगों की जिंदगी पर असर

इस समय लोगों को सुस्ती और मानसिक थकान महसूस हो सकती है. काम में मन नहीं लगेगा और फैसले लेना मुश्किल लग सकता है. नकारात्मक सोच बढ़ सकती है और लोग खुद को आगे बढ़ता हुआ महसूस नहीं कर पाएंगे.

क्या सावधानी रखें

इस दौरान धैर्य रखना बहुत जरूरी है. जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें. रोज़ की दिनचर्या सही रखें और सकारात्मक सोच बनाए रखें. यह योग हमेशा के लिए नहीं है, समय के साथ हालात फिर से बेहतर होने लगेंगे.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
Consultation: 8080426594 / 9545290847

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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