Viral Video 19 Minute : अगर आपने भी शेयर किया है ये कंटेंट, तो जाएंगे सीधे जेल

Viral Video 19 Minute 34 Seconds : वायरल वीडियो 19 मिनट 34 सेकेंड, यह एक ऐसा कीवर्ड है जिसने पिछले एक सप्ताह से इंटरनेट की दुनिया में आग लगा दिया है. जिसे देखो वह इस कंटेंट की चर्चा कर रहा है, बिना यह जानें और समझें कि यह सच है भी या नहीं. सबसे गंभीर बात यह है कि इस आपत्तिजनक कंटेंट यानी वीडियो को लोग धड़ल्ले से शेयर भी कर रहे हैं, जबकि इसका सीक्वल भी आ चुका है और यह बताया जा रहा है कि यह एआई कंटेंट है.

Viral Video 19 Minute 34 Seconds : सोशल मीडिया में वायरल होना आज के यंगस्टर्स की पहली पसंद है, लेकिन कई बार यह चाहत परेशानी की वजह भी बन जाती है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक कीवर्ड तेजी से वायरल है-viral video 19 minute 34 seconds. इसके आसपास के कीवर्ड भी वायरल हैं, जैसे viral video 19, 19 minute viral video link….इस कीवर्ड पर एक लड़का और लड़की का वायरल वीडियो देख जा रहा है. इसकी खूब शेयरिंग भी हो रही है और खूब गॉसिप भी हो रही है. इस वीडियो का सीक्विल भी आ गया है, जिसके बारे में यह कहा जा रहा है कि उसे एआई से बनाया गया है. जो  लोग भी इस वीडिय को देख रहे हैं और मजा  लेने के  लिए इसे शेयर भी कर रहे हैं, उन्हें यह आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए.

19 minute video वीडियो असली है या नहीं?

19 minute video के बारे में यह दावा किया जा रहा है कि यह एक होटल में शूट किया गया है और इसमें जो टीनएचर दिख रहे हैं, वो रिलेशनशिप में हैं. यह बात सच हो सकती है, लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि यह वीडियो असली है. इसकी वजह यह है कि ना तो अबतक यह पता चल पाया है कि यह वीडियो कहां का है और ना ही यह कि इस वीडियो में जो लोग दिख रहे हैं दरअसल वे हैं कौन. अभी तक किसी भी पुलिस स्टेशन में इससे संबंधित कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है, जिसमें यह दावा किया गया है कि किसी लड़की का वीडियो वायरल कर उसे बदनाम किया जा रहा है या और कुछ. इससे इस बात को बल मिलता है कि सच दिखने वाला वीडियो एआई कंटेंट हो सकता है. यह भी संभव है कि उस वीडियो का कुछ हिस्सा सच हो और बाकी एआई से बनाया गया हिस्सा हो. वायरल कंटेंट को लेकर जिन लड़कियों की ट्रोलिंग हुई है, उनमें से कुछ सामने आकर यह कह रही है कि बेकार में उन्हें बदनाम किया जा रहा है जिस लड़की का वीडिय वायरल है, उससे उनकी शक्ल नहीं मिलती है.

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क्या अश्लील वीडियो वायरल करने पर जाना पड़ सकता है जेल?

सोशल मीडिया के दौर में शेयरिंग, ट्रोलिंग ये सब आम बातें हैं, लेकिन रुकिए; क्या आप बिना सोचे-समझें किसी कंटेंट को शेयर करते हैं? अगर इस सवाल का जवाब हां है, तो रूकिए और यहां जो जानकारी दी जा रही है, उसे पढ़िए वरना आपको जाना पड़ सकता है जेल. जैसी सूचना सामने आई है, उसके अनुसार 19 minute viral video link पाने के लिए कुछ लोग पैसे भी दे रहे हैं. इस माया जाल में फंसने से पहले या अगर आप फंस चुके हैं तब भी इस जानकारी को जरूर पढ़ें. आईट एक्ट 2000 की धारा 67, 67ए और 67बी के अनुसार अगर कोई अश्लील सामग्री, यौन सामग्री या बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री शेयर करता है तो उसे 5 से 7 साल की जेल और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. बच्चों का अश्लील वीडियो शेयर करने पर सजा और जुर्माना दोनों ही ज्यादा हो सकते हैं. एक बार अपराध करने के बाद अगर कोई दूसरी बार भी अपराध करता है, तो उसकी सजा और बढ़ सकती है.

प्रावधानयदि दोषी पाया गया — सजा / जुर्माना
धारा 67 (obscene content प्रकाशित/ट्रांसमिट) — पहली बारजेल — 3 साल तक और जुर्माना — 5 लाख तक
धारा 67 — पुनरावृत्ति (repeat offence)जेल — 5 साल तक, जुर्माना — 10 लाख तक
धारा 67A (sexually explicit content प्रकाशित/ट्रांसमिट) — पहली बारजेल — 5 साल तक, जुर्माना — 10 लाख तक
धारा 67A — पुनरावृत्तिजेल — 7 साल तक, जुर्माना — (कानून में जुर्माना limit) — 10 लाख तक
धारा 67B (बच्चों से जुड़ा अश्लील कंटेंट) बहुत सख्त जेल + भारी जुर्माना

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लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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