आईपीएल का खिताब सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें इस सीजन में फिसड्डी क्यों?

GT vs KKR 2026 : आईपीएल सीजन 19 में दिल्ली को छोड़कर सभी टीमों ने अपने 5-5 मैच खेल लिए हैं. ऐसे में अगर टीमों के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो पाएंगे कि आईपीएल का खिताब सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें-चेन्नई, मुंबई और केकेआर इस सीजन में बहुत ही खराब प्रदर्शन कर रही है. अगर उन्हें खेल में बने रहना है, तो आगे के मैचों में बेहतरीन खेल दिखाना होगा अन्यथा उनकी बादशाहत पर खतरा मंडरा रहा है.

GT vs KKR 2026 : आईपीएल सीजन 19 के अबतक के सफर को देखें, तो हम पाएंगे कि आईपीएल का खिताब अबतक सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें बहुत ही खराब स्थिति में हैं और प्वाइंट टेबल में इन तीनों का स्थान नीचे से 1,2,3 यानी 10वां, 9वां और 8वां है. केकेआर की टीम अबतक 6 मैच खेल चुकी है, लेकिन एक भी जीत उसके खाते में नहीं आई है.

केकेआर की क्यों हो रही है फजीहत

केकेआर की टीम इस आईपीएल में अपने लय में नजर नहीं आ रही है. उनकी बैटिंग, बाॅलिंग और रणनीति सबकुछ बेदम नजर आ रहे हैं. बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों अपने रिदम में नहीं दिख रहे हैं. ओपनर बहुत जल्दी आउट हो रहे हैं, जिसकी वजह से मिडिल ऑर्डर पर दबाव बहुत अधिक बन जाता है. इस वजह से टीम बैकफुट पर नजर आती है और खिलाड़ी खुलकर खेल नहीं पाते हैं. प्लेइंग इलेवन में भी लगातार बदलाव किया जा रहा है, बावजूद इसके टीम एक अदद जीत के लिए तरस रही है और लगातार 3 मैच में हार चुकी है.

क्रमांकविरोधी टीमतारीखपरिणाम
1Mumbai Indians (मुंबई इंडियंस)29 मार्च6 विकेट से हार
2Sunrisers Hyderabad (सनराइजर्स हैदराबाद)2 अप्रैल65 रन से हार
3Punjab Kings (पंजाब किंग्स)6 अप्रैलबारिश के कारण रद्द
4Lucknow Super Giants (लखनऊ सुपर जायंट्स)9 अप्रैल3 विकेट से हार
5Chennai Super Kings (चेन्नई सुपर किंग्स)14 अप्रैल32 रन से हार
6Gujarat Titans (गुजरात टाइटंस)17 अप्रैल5 विकेट से हार

मुंबई के ऑलराउंडर्स मैच विनर नहीं बन पा रहे

5 बार आईपीएल का खिताब अपने नाम करने वाली मुंबई इंडियंस की टीम ने इस बार जब जीत से शुरुआत की, तो उनके फैंस को लगा कि इस बार टीम कुछ खास करेगी. मुंबई ने 29 मार्च को खेले गए मैच में कोलकाता को 6 विकेट से हराया था. गौर करने वाली बात यह है कि इस जीत के बाद मुंबई ने कुल खेले गए 5 मैच में से चार को गंवा दिया. रोहित शर्मा की कप्तानी का अभाव भी टीम को परेशान कर रहा है. हार्दिक नए कप्तान हैं और उनकी रणनीति बहुत कारगर होती नहीं दिख रही है. वहीं हार्दिक, मिशेल सेंटनर, विल जैक्स और नमन धीर जैसे ऑलराउंडर्स कुछ कमाल नहीं कर पा रहे हैं. उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही ढीली नजर आ रही है, जिसकी वजह से टीम फिसड्डी साबित हो रही है.

क्रमांकविरोधी टीमतारीखपरिणाम
1Kolkata Knight Riders (कोलकाता नाइट राइडर्स)29 मार्च6 विकेट से जीत
2Delhi Capitals (दिल्ली कैपिटल्स)4 अप्रैल6 विकेट से हार
3Rajasthan Royals (राजस्थान रॉयल्स)7 अप्रैल27 रन से हार
4Royal Challengers Bengaluru (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु)12 अप्रैल18 रन से हार
5Punjab Kings (पंजाब किंग्स)16 अप्रैल7 विकेट से हार

चेन्नई की चमक भी पड़ी फीकी

चेन्नई सुपर किंग्स ने भी मुंबई की तरह की आईपीएल का खिताब 5 बार अपने नाम किया है, लेकिन इस बार वे अपने थाला महेंद्र सिंह धोनी को बहुत मिस कर रहे हैं. महेंद्र सिंह धोनी इस आईपीएल में अबतक मैदान पर नजर नहीं आए हैं. इस वजह से उनकी कप्तानी और मैदान पर परिस्थितियों के अनुसार किए गए निर्णय से टीम वंचित है. गेंदबाज और बल्लेबाज भी कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि शुरुआत के बाद टीम कुछ संभली है, लेकिन इन तरह के खेल में खिताब जीतना बहुत कठिन होगा. चेन्नई ने अबतक 5 मैच खेले हैं, जिनमें से 3 में उसे हार मिली है जबकि बाद में खेले गए दो मैच, जो दिल्ली और केकेआर के साथ खेले गए उनमें टीम जीती है.

क्रमांकविरोधी टीमतारीखपरिणाम
1Rajasthan Royals (राजस्थान रॉयल्स)30 मार्च8 विकेट से हार
2Punjab Kings (पंजाब किंग्स)3 अप्रैल5 विकेट से हार
3Royal Challengers Bengaluru (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु)5 अप्रैल43 रन से हार
4Delhi Capitals (दिल्ली कैपिटल्स)11 अप्रैल23 रन से जीत
5Kolkata Knight Riders (कोलकाता नाइट राइडर्स)14 अप्रैल32 रन से जीत

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Published by: Rajneesh anand

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रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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