695 Movie: राम मंदिर के 500 साल के संघर्ष को दिखाती है फिल्म, जानें नाम के पीछे का क्या है खास मतलब

अयोध्या में होने वाले श्री राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां पूरे जोरो-शोरों से चल रही है. ऐसे में क्या आप जानते हैं कि राम मंदिर के बनने में लगे संघर्ष की कहानी को लेकर एक फिल्म बनी है. इसका नाम 695 है. आइये पढ़ते हैं रिव्यू.

सनातन धर्म और प्रभु श्रीराम के भक्तों के लिए अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है. पूरा देश इस ऐतिहासिल क्षण को देखने के लिए उत्साहित है. हर रोज तैयारियां चल रही है. अब इसपर एक फिल्म भी बनी है, जिसे आपको जरूर देखना चाहिए.

695 हिंदुओं की ओर से अपनी पवित्र भूमि, राम जन्मभूमि को पुनः प्राप्त करने के 491 साल के संघर्ष को उजागर करता है. निर्देशक योगेश भारद्वाज की फिल्म धैर्य, साहस, वीरता, बलिदान और अटूट भक्ति की अनकही कहानी पर प्रकाश डालती है. इसमें गोविंद नामदेव और अरुण गोविल जैसे शानदार कलाकारों की टोली भी है.

फिल्म के को-प्रोड्यूसर ने बताया कि इस मूवी का नाम 695 है. इसके अंकों का मतलब कुछ इस प्रकार है. जहां 6 का मतलब 6 दिसंबर  1992 को विवादित ढांचा गिराने का है.

वहीं 9 नवंबर 2019  को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया था और 5 अगस्त 2020  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम मंदिर के लिए शिलान्यास के लिए पहली बार ईट रखी थी. फिल्म 695 युवा पीढ़ी को सनातन धर्म के प्रति प्यार करने के लिए प्रेरित करेगी.

695 सिर्फ एक फिल्म नहीं है. यह एक ऐतिहासिक दस्तावेज है जो भारत के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय पर प्रकाश डालता है.

मालूम हो कि 1989 में रामभक्त कामेश्वर चौपाल ने ही अयोध्या के राम मंदिर की पहली ईंट रखी थी. फिल्म 695 में कामेश्वर चौपाल का किरदार निभा रहे अभिनेता गौरी शंकर ने कहा कि वह काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि उन्हें रामभक्त चौपाल जी का रोल अदा करने का अवसर मिला.

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण पर ना सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं. गौरी शंकर कहते हैं, “मेरे पिताजी का सपना था कि मैं एक स्टार बनूं, और देश-विदेश में उनका नाम रोशन करूं. आज इतना बड़ा असवर मिला, एक ओर मैं खुश हूं, लेकिन दूसरी ओर खुद को अभागा समझ रहा हूं, क्योंकि मेरे पिताजी मेरे साथ नहीं है.

ये मूवी 19 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. हालांकि इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कुछ खास नहीं रहा. फिल्म ने पहले दिन करीब 20 लाख रुपए की कमाई कर की.

Also Read: राम मंदिर की पहली ईंट किसने रखी? अगर नहीं पता तो अभी देखें कामेश्वर चौपाल पर बनी ये फिल्म

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ashish Lata

आशीष लता हिंदी डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार और कंटेंट स्ट्रेटेजिस्ट हैं, इनके पास पत्रकारिता एवं डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर एवं एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं, जहां वह बॉलीवुड, टेलीविजन, ओटीटी, वेब सीरीज, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स और प्रीमियम डिजिटल कंटेंट पर काम करती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म आशीष लता की सबसे पसंदीदा बीट्स में से एक है. फिल्मों, टीवी शोज, ओटीटी कंटेंट और सेलिब्रिटी वर्ल्ड की हर छोटी-बड़ी अपडेट पर उनकी खास नजर रहती है. उन्होंने बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS (Behind The Scenes) अपडेट्स, सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल, वायरल मोमेंट्स, वेब सीरीज रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स और एक्सक्लूसिव एंटरटेनमेंट स्टोरीज पर लगातार काम किया है. ट्रेंडिंग टॉपिक्स को ऑडियंस की पसंद के साथ जोड़कर पेश करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, इनसाइट्स और एंटरटेनमेंट का ऐसा बैलेंस देखने को मिलता है, जो पाठकों को जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अंत तक जुड़े रहने के लिए भी प्रेरित करता है. बदलते डिजिटल ट्रेंड्स, ऑडियंस बिहेवियर और सर्च पैटर्न को समझते हुए वह ऐसा कंटेंट तैयार करती हैं, जो न सिर्फ जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद हो, बल्कि पाठकों के लिए आसान, एंगेजिंग और पढ़ने लायक भी हो. SEO और रीडर-फर्स्ट अप्रोच के साथ उनका फोकस हमेशा उन खबरों पर रहता है जो लोगों के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं. अपने पत्रकारिता सफर में आशीष लता ने सिर्फ एंटरटेनमेंट ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया और अलग-अलग राज्यों से जुड़ी बड़ी खबरों को भी करीब से कवर किया है. पत्रकारिता की शुरुआत आशीष लता ने प्लस न्यूज से की, जहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स तैयार कीं. फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के इंटरव्यू भी किए. ग्राउंड जर्नलिज्म का यह अनुभव आज भी उनके कंटेंट को गहराई, विश्वसनीयता और तथ्यपरक दृष्टिकोण प्रदान करता है. इसके बाद उन्होंने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया. आशीष लता की पत्रकारिता की नींव मजबूत शैक्षणिक बैकग्राउंड और ऑन-ग्राउंड अनुभव पर आधारित है. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. अकादमिक सीख और न्यूजरूम के वास्तविक अनुभव का यही मेल उन्हें खबरों को गहराई से समझने और आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करता है. फैक्ट-आधारित रिपोर्टिंग, रिसर्च और जर्नलिज्म के 5Ws+1H सिद्धांतों पर उनकी मजबूत पकड़ है, जिसके कारण उनका कंटेंट विश्वसनीय, संतुलित और पाठकों के लिए उपयोगी माना जाता है. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >