Viksit Bharat 2047 : जब मैं तिरुप्पुर के स्कूल में पढ़ता था, तब मेरे मन में देश को लेकर कई सपने थे. मेरे मन में अक्सर ये सवाल उठते थे-भारत अपनी महानता कब वापस पायेगा? विश्व मंच पर एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में कब उभरेगा? हमारे गरीब और वंचित भाई-बहनों को सम्मानजनक जीवन कब मिलेगा? मुझे खुशी है कि किशोरावस्था में मेरे मन में जो विचार थे, वे अब साकार हो रहे हैं. मैं अक्सर खुद को स्वामी विवेकानंद के इन शब्दों की याद दिलाता था, ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको’. तमिलनाडु की धरती से स्वामी जी के ये शब्द हर व्यक्ति में देशभक्ति और समर्पण की भावना जगाने की अपार शक्ति रखते हैं. मुझे यह देखकर खुशी होती है कि पिछले एक दशक में हमारा देश जबरदस्त ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है.
अब हमें अपनी आंखों के सामने तिरुवल्लुवर के इन शब्दों की सच्चाई देखने का अवसर मिल रहा है, ‘जो अपने संकल्प में अडिग रहते हैं, वे ठीक वही हासिल करते हैं, जिसकी उन्होंने कल्पना की होती है’. हम देख सकते हैं कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है. एक दशक में भारत ने जो प्रगति हासिल की है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी और अनिश्चितताओं से जूझ रही है, तब भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती और तेजी से आगे बढ़ रही है. एक समय कमजोर अर्थव्यवस्था माना जाने वाला हमारा देश आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ भारतवासी अत्यधिक गरीबी से बाहर निकलकर सम्मानपूर्ण जीवन जीने में सक्षम हुए हैं.
देश में गरीब और बेघर लोगों के लिए लगभग चार करोड़ पक्के घर बनाये जा चुके हैं. बारह करोड़ से अधिक लोगों को पीने के पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है. हमने खुले में शौच से मुक्त राष्ट्र बनने का संकल्प लिया था और केवल 60 महीनों के भीतर 60 करोड़ लोगों के लिए यह लक्ष्य हासिल कर दिखाया. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को हर महीने पांच किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त दिया जा रहा है, जिस पर 2.3 लाख करोड़ रुपये का खर्च किया जा रहा है. मैंने बचपन से ही गांवों में लोगों को इलाज की सुविधा न मिलने के कारण परेशान होते देखा है.
आज देश इस संकल्प के साथ आयुष्मान भारत योजना चला रहा है कि स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति तक पहुंचें. इसी का परिणाम है कि अब 44 करोड़ से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिल रहा है. पिछले एक वर्ष में ही 2.5 करोड़ लोगों ने इस योजना के अंतर्गत मुफ्त इलाज प्राप्त किया है. आज हमारी नारी शक्ति के लिए देश के विकास में पूरी भागीदारी के अवसर खुल रहे हैं. तीन करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी बन चुकी हैं. कृषि, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान एवं तकनीक से लेकर अंतरिक्ष तकनीक तक महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करायी है.
अब महिलाएं सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन प्राप्त कर रही हैं और युद्धक भूमिकाओं में भी भाग ले रही हैं. नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद और राज्य विधानसभाओं में उनकी भागीदारी को और मजबूत करेगा. युवाओं के लिए पिछले दस वर्षों में 13 नये आइआइटी स्थापित किये गये हैं, जिससे देश में इनकी संख्या बढ़कर 23 हो गयी है. आइआइएम की संख्या 13 से बढ़कर 21 हो गयी है. एम्स की संख्या सात से बढ़कर 23 हो चुकी है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 37 से बढ़कर 823 हो गयी है. मेडिकल छात्रों के लिए सीटों की संख्या 51,348 से बढ़कर 1,29,603 हो गयी है.
भारतीय रेलवे का लगभग 99 फीसदी विद्युतीकरण हो चुका है. देशभर में 164 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों ने रेल यात्रा के नये युग की शुरुआत की है. हवाई अड्डों की संख्या भी 74 से बढ़कर 163 हो गयी है और उड़ान योजना के तहत आम लोगों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है. तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट का आवंटन एक दशक पहले लगभग 880 करोड़ था, जो बढ़कर 2026–27 में 7,600 करोड़ रुपये हो गया है. रामेश्वरम और पंबन के बीच नया पंबन ब्रिज बनाया गया है, जो देश का पहला वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज है. चाहे चिनाब ब्रिज हो या बोगीबील पुल, भारत अब आधुनिक बुनियादी ढांचे के नये आयाम स्थापित कर रहा है. देशभर में विश्व स्तरीय चार-लेन और आठ-लेन की सड़कों के साथ सुदूर गांवों तक सड़क संपर्क को मजबूती से विकसित किया गया है.
तमिलनाडु में पिछले 10 वर्षों में 4,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाये गये हैं. वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों में पिछले 10 वर्षों में लगभग 7,200 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है. ये सभी विकास कार्य ‘प्रगति’ के तहत प्रधानमंत्री की करीबी निगरानी के कारण संभव हो पाये हैं. प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर को देश की ‘अष्टलक्ष्मी’ कहा था. हाल ही में जब मैंने नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम का दौरा किया, तब वहां परिवहन और बुनियादी ढांचे में जबरदस्त सुधार देखने को मिला.
विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में देश ने जो प्रगति हासिल की है, वह हम सभी को गर्व से भर देती है. कोविड-19 के दौरान भारत ने वैक्सीन निर्माण में अग्रणी भूमिका निभायी और मानवीय संवेदना के साथ दुनिया के 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध करायी. चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग ने भारत को उन्नत अंतरिक्ष अनुसंधान के नये युग में पहुंचा दिया है. एआइ के क्षेत्र में वैश्विक कंपनियां भारत को अपना केंद्र बना रही हैं, जिससे निवेश में कई गुना वृद्धि हुई है. भारत अब सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में दुनिया के लिए मॉडल बनकर उभर रहा है. कई दशकों तक हमारे देश ने केवल आतंकवाद ही नहीं, बल्कि उग्रवाद और वामपंथी चरमपंथ जैसी चुनौतियों का भी सामना किया है. साहसिक नीतिगत फैसलों और कानून के सख्त पालन के माध्यम से आज देश में शांति स्थापित हुई है और इन क्षेत्रों में विकास के द्वार खुले हैं. हमने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2047 तक भारत एक अग्रणी वैश्विक शक्ति बने और दुनिया का मार्गदर्शन करने की स्थिति में पहुंचे. आइए, हम सब मिलकर अपनी कड़ी मेहनत से विकसित भारत का निर्माण करें.
