Vidya Lakshmi Yojana : जरूरी पहल

Pradhan Mantri Vidya Lakshmi Yojana : देश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों के 22 लाख से अधिक छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा. बड़ी बात यह है कि इस नयी योजना में एक तरह से सरकार ही गारंटर की भूमिका निभायेगी, जबकि अभी तक सात लाख रुपये से अधिक के शिक्षा ऋण पर गारंटी देनी पड़ती थी.

Pradhan Mantri Vidya Lakshmi Yojana : उच्च शिक्षा हासिल करने की इच्छा रखने वाले मेधावी, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए शिक्षा ऋण से जुड़ी नयी प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, जो नयी शिक्षा नीति, 2020 का ही विस्तार है, निश्चित रूप से बहुत महत्वपूर्ण और स्वागतयोग्य है. इस योजना के तहत संभावनाशील युवाओं के लिए उत्कृष्ट रैंकिंग वाली देश भर की 860 शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने के लिए बिना किसी गारंटी के ऑनलाइन प्रक्रियाओं के तहत मामूली ब्याज पर सहज और शीघ्र ऋण दिये जाने का प्रावधान है.

देश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों के 22 लाख से अधिक छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा. बड़ी बात यह है कि इस नयी योजना में एक तरह से सरकार ही गारंटर की भूमिका निभायेगी, जबकि अभी तक सात लाख रुपये से अधिक के शिक्षा ऋण पर गारंटी देनी पड़ती थी. घर बैठ कर सहजता से ऋण ले पाने के साथ-साथ गारंटर की आवश्यकता खत्म होने के कारण उच्च शिक्षा हासिल करने की इच्छा रखने वाले असंख्य साधनहीन छात्र अब अच्छे संस्थानों में दाखिला ले पायेंगे. अभी शिक्षा ऋण लेकर पढ़ने वाले छात्रों का आंकड़ा लगभग तीन लाख है.

लेकिन इस योजना के आने से ऋण लेकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ेगी. 12वीं पास विद्यार्थी आगे की पढ़ाई के लिए इस योजना में आवेदन कर सकेंगे और किसी भी प्रकार की डिग्री या कोर्स के लिए इस योजना का लाभ लिया जा सकेगा. अलबत्ता यह ऋण हासिल करने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ेंगी. जैसे, उच्च शिक्षा के लिए छात्र को जिस संस्थान में दाखिला लेना है, उसका एनआइआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) राष्ट्रीय स्तर पर 100 और राज्य स्तर पर 200 होना चाहिए. साथ ही संस्थान सरकारी होना चाहिए. छात्र के परिवार की सालाना आय आठ लाख रुपये से कम होनी चाहिए.

केंद्र सरकार इस योजना के अंतर्गत 7.5 लाख रुपये तक के कर्ज के लिए 75 प्रतिशत की क्रेडिट गारंटी देगी. इसके अलावा भी इस योजना में कुछ लाभकारी प्रावधान हैं. जैसे, जिन छात्रों की पारिवारिक आय सालाना 4.5 लाख रुपये है, उन्हें 10 लाख रुपये का शिक्षा ऋण बिना ब्याज के मिलेगा. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की यह पहल उल्लेखनीय है, क्योंकि अब पैसे की कमी से होनहार छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने के अपने सपने से वंचित नहीं होना पड़ेगा. जाहिर है, इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य छात्रों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना भी है. युवा शक्ति को सशक्त बनाने और देश में शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने की दिशा में यह योजना बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी.

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