लंबी होतीं सड़कें

आर्थिक विकास में सड़कों के साथ संचार और ऊर्जा भी आवश्यक हैं. इसलिए सड़क से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार भारत की समृद्धि के ठोस आधार बन सकते हैं.

र्थव्यवस्था के विकास में तथा नयी संभावनाओं को साकार करने के लिए यातायात की बेहतरी आवश्यक शर्त है. बीते कुछ सालों में सड़कों को विस्तार देने और देश के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. इसी सिलसिले में रणनीतिक सुरंगों, पुलों आदि के साथ 22 ग्रीन एक्सप्रेसवे के निर्माण पूरा होने के बाद भारत इस क्षेत्र में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों की कतार में शामिल हो जायेगा. इस उपलब्धि को हासिल करने में दो साल लगेंगे और साढ़े सात हजार लंबी सड़क तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के खर्च से तैयार हो जायेगी.

केंद्रीय सड़क यातायात मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि कुछ योजनाओं, जैसे- मध्य प्रदेश में चंबल एक्सप्रेसवे, में राज्य सरकारों का साथ भी लिया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और निर्देश के अनुसार इन आधुनिक सड़कों के साथ ऑप्टिक फाइबर केबल, ट्रांसमिशन लाइन तथा गैस पाइपों को लगाने की योजना भी है. आर्थिक विकास में सड़कों के साथ संचार और ऊर्जा की समुचित उपलब्धता एवं आपूर्ति भी आवश्यक है. इसलिए सड़क से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार भारत की समृद्धि के ठोस आधार बन सकते हैं.

हमारे देश में यह विसंगति दशकों से रही है कि जिन मार्गों से अधिक कमाई होती थी या जो अपेक्षाकृत अधिक विकसित क्षेत्रों से गुजरते थे, उन पर ध्यान भी अधिक रहता था. इस वजह से यातायात सुविधाओं के मामले में क्षेत्रीय विषमता भी पैदा हुई तथा विकास की गति भी बाधित हुई. इस लिहाज से देखें, तो चंबल एक्सप्रेस वे या जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के लिए महत्वपूर्ण जोजिला दर्रा जैसी परियोजनाएं या फिर स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के मार्गों के बीच संपर्क सड़कें हों, यातायात संसाधनों को बढ़ाने के दिशा में बड़ी छलांग हैं.

दूरदराज और पिछड़े इलाकों को जोड़ कर औद्योगिक गतिविधियों तथा यातायात को बहुत विस्तार दिया जा सकता है. देश के बहुत बड़े हिस्से को राष्ट्र के विकास यात्रा से जोड़ कर ही आत्मनिर्भरता के संकल्प को पूरा किया जा सकता है. इससे प्रधानमंत्री मोदी के स्थानीय उत्पादन और उपभोग के आह्वान को भी वास्तविकता में बदलने में बड़ी सहायता मिलेगी. इन सड़कों के किनारे स्थित कस्बों, गांवों और छोटे शहरों के आसपास विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी अवसर बनाने की योजना है.

इसमें सड़कों के साथ सूचना तकनीक और ऊर्जा के स्रोतों का पहुंचाना युगांतकारी सिद्ध होगा. उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की अलग से चल रहीं या प्रस्तावित विभिन्न योजनाओं की क्षमता और उपयोगिता को भी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर से मदद मिलेगी. इन सड़कों में से कुछ अहम परियोजनाओं का राष्ट्रीय सुरक्षा के हवाले से भी बड़ा अहमियत है क्योंकि इनसे सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क मजबूत हो जायेगा. कोरोना महामारी से उबरने के बाद हमारी आर्थिकी को फिर से बढ़ोतरी की राह पर अग्रसर करने में इन सड़कों की बड़ी भूमिका होगी.

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Published by: संपादकीय

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