आरसीबी का रिकॉर्ड, सूर्यवंशी का धमाका

IPL 2026 : मैं आइपीएल की किसी दूसरी टीम के लिए खेलने का सोच भी नहीं सकता, आरसीबी फैंस का प्यार मेरे लिए किसी भी ट्रॉफी से बड़ा है. विराट ने यह कहकर आरसीबी टीम की कप्तानी छोड़ी थी. लेकिन अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर किंग कोहली ने आरसीबी को लगातार दो ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभायी.

IPL 2026 : आइपीएल-26 ने इतिहास बना दिया है. इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन में जो कुछ हुआ, वह इससे पहले कभी नहीं हुआ था. आइपीएल के किसी सीजन में इतने रन नहीं बने थे, जितने इस बार बने. आइपीएल के इस सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगे, तो सबसे अधिक 15 शतक भी इसी बार लगे. इस सीजन में 200 रनों से ज्यादा का टोटल बना, तो सबसे अधिक बार 200 से अधिक रन चेज भी किये गये. यही नहीं, पहली बार इस सीजन में तीन बल्लेबाजों-वैभव सूर्यवंशी, शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने 700 से ज्यादा रन बनाये.

आइपीएल में लगभग दो दशक तक रॉयल चैलेंजर्स, बेंगलुरु यानी आरसीबी पर चोकर्स का तमगा लगा. आरसीबी के प्रशंसक हर साल किंग विराट कोहली की कप्तानी में चैंपियन बनने का सपना देखते, लेकिन हर सीजन के बाद उन्हें मायूसी मिलती. ‘मैं आइपीएल की किसी दूसरी टीम के लिए खेलने का सोच भी नहीं सकता, आरसीबी फैंस का प्यार मेरे लिए किसी भी ट्रॉफी से बड़ा है’. विराट ने यह कहकर आरसीबी टीम की कप्तानी छोड़ी थी. लेकिन अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर किंग कोहली ने आरसीबी को लगातार दो ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभायी. चेज मास्टर विराट कोहली ने अपनी फ्रेंचाइजी आरसीबी के साथ अपने सभी सपनों को आखिरकार चेज कर ही लिया. साफ है कि चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बाद आइपीएल में अब आरसीबी युग का आगाज हो चुका है.


आरसीबी को इस ऊंचाई तक ले जाने वाले इसके कप्तान रजत पाटीदार की कहानी तो बिल्कुल परिकथा जैसी है. वर्ष 2021 में आरसीबी ने रजत पाटीदार को 20 लाख में खरीदा था, लेकिन रजत उस सीजन के चार मैचों में सिर्फ 71 रन ही बना सके थे. ऐसे में, अगले साल आरसीबी ने उन्हें रिलीज कर दिया और किसी भी टीम ने नीलामी में उन्हें नहीं खरीदा. लेकिन तभी आरसीबी के विकेटकीपर बल्लेबाज लवनीत सिसोदिया चोटिल हो गये और कोच ने रजत पाटीदार को बुलावा भेजा. उस सीजन में पाटीदार ने एक शतक समेत कुल 333 रन बनाये. अगला सीजन पाटीदार के लिए और धमाकेदार रहा तथा वह लीग के सबसे खतरनाक मिडिल आॅर्डर बल्लेबाज बनकर उभरे. वर्ष 2025 में आरसीबी में लीडरशिप का संकट पैदा हो गया. फाफ डू प्लेसिस टीम का साथ छोड़ चुके थे और विराट कोहली दोबारा कप्तानी करना नहीं चाहते थे.

ऐसे में, हेड कोच और बल्लेबाज कोच ने रजत पाटीदार पर दांव लगाया. और पाटीदार इस कसौटी पर खरे उतरे. महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के बाद रजत पाटीदार आइपीएल के इतिहास में तीसरे ऐसे कप्तान बन गये हैं, जिन्होंने अपनी टीम को लगातार दो बार खिताब दिलाया. इस साल टीम को चैंपियन बनाकर रजत पाटीदार ने यह भी साबित कर दिया कि 2025 की जीत इत्तफाक नहीं थी. क्वालीफायर-1 में रजत पाटीदार ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 33 गेंदों पर जबरदस्त 93 रन बनाये थे. किसी एक खिलाड़ी पर अत्यधिक निर्भरता की बजाय टीम में हर खिलाड़ी के लिए भूमिका तय कर, सोची-समझी रणनीति के साथ फील्ड लगाकर और गेंदबाजी में चतुर बदलाव के जरिये रजत आइपीएल के लीजेंड कप्तानों में शुमार हो चुके हैं. जल्दी ही वह टीम इंडिया का हिस्सा बन सकते हैं.


आइपीएल-26 में एक और सपना उड़ान भर चुका है, जिसमें विश्व क्रिकेट का अगला बादशाह बनने की ताकत है. इस सीजन में पंद्रह साल के वैभव सूर्यवंशी ने लगभग अकेले दम पर अपने फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स को खिताब के मुहाने तक ला खड़ा कर दिया. वर्ष 1989 में भारतीय क्रिकेट में जो क्षमता मुंबई के सचिन रमेश तेंदुलकर ने दिखाई थी, 2026 में वही भरोसा और उम्मीद बिहार के वैभव सूर्यवंशी दिखा रहे हैं. बिहार ने इससे पहले टीम इंडिया को महेंद्र सिंह धोनी, ईशान किशन, मुकेश कुमार और आकाशदीप जैसे क्रिकेटर दिये हैं. लेकिन प्रदेश में क्रिकेट के जर्जर ढांचे की वजह से या तो इन्हें ईशान की तरह झारखंड के लिए खेलना पड़ा या फिर मुकेश और आकाशदीप की तरह दूसरे राज्यों से. वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी राज्य में जर्जर क्रिकेट ढांचे की वजह से खुद तो बड़े स्तर पर क्रिकेट नहीं खेल सके, लेकिन अपने बेटे को उस मुहाने पर जरूर ही खड़ा कर दिया है.

वर्ष 2025 में वैभव ने 14 साल की उम्र में आइपीएल में कदम रखा और 2026 में वह आइपीएल के बेताज बादशाह बन चुके हैं. सूर्यवंशी ने इस सीजन के 16 मैचों में 237 की स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाये और ऑरेंज कैप पहना. उन्होंने इस सीजन में 72 छक्के लगाये, जो आइपीएल के किसी भी सत्र का रिकॉर्ड है. लीग के नॉक आउट के दो मैचों में सूर्यवंशी ने दो अलग-अलग परिस्थितियों में 97 और 96 रन की शानदार पारियां खेलीं और जसप्रीत बुमराह तथा जोस हाजेलवुड जैसे गेंदबाजों का स्वागत छक्का लगाकर किया. सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर, इयान बिशप और जोस बटलर जैसे दिग्गज वैभव सूर्यवंशी को वंडरबॉय का तमगा दे चुके हैं. वैभव को अभी रुकना नहीं है. विराट कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी को अभी आइपीएल और टीम इंडिया के लिए लगातार खेल को विराट और बेहतर बनाते हुए शिखर को पाना और वहां बने रहना है. अगर अगले साल 50 ओवर वाले विश्व कप में वैभव सूर्यवंशी कप्तान शुभमन गिल के साथ पारी की शुरुआत करते दिखें, तो आश्चर्य नहीं होगा. वैभव सूर्यवंशी बेशक आइपीएल के इस सीजन में सबसे चमकदार खिलाड़ी बनकर उभरे हैं. लेकिन इसके अलावा भी शाकिब हुसैन, प्रिंस यादव और कार्तिक त्यागी जैसे कई युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से उम्मीदें जगायी हैं. जबकि मोहम्मद सिराज और भुवनेश्वर कुमार ने अपनी गेंदबाजी के जरिये संदेश दिया कि टाइगर अभी जिंदा है.


आइपीएल-26 में कुछ ने सपनों की ऊंची उड़ान भरी, तो कुछ के सपने टूटे भी. मुंबई इंडियंस के लिए एक और सीजन बेकार गया. इसके कप्तान हार्दिक पंड्या अगले सीजन में शायद किसी दूसरे फ्रेंचाइजी की जर्सी में दिखें. इसी तरह रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव का ग्राफ तेजी से नीचे की ओर जा रहा है. ऐसे में, मुंबई इंडियंस को जल्द ही नये लीडर के साथ तेवर ओर कलेवर की भी जरूरत पड़ेगी. लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए भी यह सीजन निराशाजनक रहा. टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने आखिरी मैच के बाद इस्तीफा दे दिया है. एकदिवसीय और टी-20 टीम में अपनी जगह खो चुके पंत को आने वाले समय में टेस्ट टीम में भी चुनौती का सामना करना पड़ेगा.
(ये लेखक के निजी विचार हैं.)

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