International Film Festival : गोवा में आयोजित ‘भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह’ (इफ्फी) फिल्मों का ऐसा महाकुंभ बन गया है, जिसका इंतजार पूरे वर्ष रहता है. नौ दिनों तक (20 से 28 नवंबर तक) चलने वाला यह समारोह फिल्मकारों के साथ-साथ फिल्म प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहने वाला है. गोवा में इस दौरान 84 देशों की 270 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा. हमारा यह फिल्म समारोह विश्वभर में कितना महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इस बात का अनुमान इससे भी लगता है कि इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए 127 देशों से 3400 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं. लेकिन समय और फिल्मों की गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए, श्रेष्ठतम और नयी फिल्मों का चयन किया गया.
समारोह में 26 फिल्मों के विश्व प्रीमियर, 48 एशियाई प्रीमियर और 99 भारतीय फिल्मों के प्रीमियर होंगे. इनमें अंतरराष्ट्रीय खंड की 160 फिल्मों में से 13 फिल्मों के विश्व प्रीमियर विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे. वहीं गाला प्रीमियर खंड के 13 विश्व प्रीमियर, दो एशियाई प्रीमियर और एक भारतीय फिल्म के प्रीमियर पर भी सभी की निगाहें रहेंगी. विदित हो कि भारत में प्रथम ‘भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह’ का आयोजन 1952 में हुआ था. आरंभिक वर्षों में इसका आयोजन अनियमित था. लेकिन, 1975 से यह नियमित हो गया और तब से यह समारोह प्रतिवर्ष आयोजित हो रहा है. इफ्फी का यह 56वां आयोजन है. वर्ष 1952 में अपने आरंभ से लेकर अब तक, इन 73 वर्षों में फिल्म समारोह की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.
हालांकि, समारोह को आयोजित करने की भावना वही है जो वर्षों पूर्व थी. लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से जहां समारोह की ‘वर्ल्ड रैंकिंग’ बढ़ाने के हर संभव प्रयास हो रहे हैं, वहीं यह प्रयास भी हो रहे हैं कि समारोह में देश-विदेश की सर्वोत्तम फिल्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ अधिक से अधिक फिल्मी हस्तियां शामिल हो सकें. इतना ही नहीं, अब तो महिलाओं और युवाओं के साथ नयी प्रतिभाओं की फिल्मों को प्रोत्साहन देने का प्रयास भी व्यापक स्तर पर होने लगा है. इस बार महिलाओं द्वारा निर्देशित 50 फिल्मों के साथ नवोदित फिल्मकारों की भी 50 फिल्मों का प्रदर्शन होगा. नवोदित निर्देशकों की पांच चयनित फिल्मों में से एक फिल्म के निर्देशक को पांच लाख का पुरस्कार भी मिलेगा.
रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए विशेष खंड में इस बार 75 की जगह 124 प्रतिभाओं का चयन किया गया है. इस फिल्म समारोह के प्रति वैश्विक पटल पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस बार समारोह के पहले दिन ही एक भव्य परेड आयोजित की जा रही है. यह परेड ‘एंटरटेनमेंट सोसायटी ऑफ गोवा’ के कार्यालय से चल कर ‘कला अकादमी’ तक जायेगी. परेड में गोवा की 12 झांकियों सहित कुल 34 झांकियां शामिल होंगी. समारोह का उद्घाटन ब्राजील के लेखक ‘गैब्रियल मस्कारो’ की फिल्म ‘द ब्लू ट्रेल’ से होगा. यह एक विज्ञान कथा होने के साथ-साथ फंतासी फीचर फिल्म भी है. बर्लिन फिल्म महोत्सव- 2025 में ‘सिल्वर बियर ग्रैंड जूरी’ पुरस्कार जीत चुकी यह फिल्म, एक 75 साल की महिला की दिलचस्प कहानी है. इफ्फी का एक बड़ा आकर्षण जापान की फिल्में भी हैं. उत्कृष्ट फिल्मों के लिए प्रसिद्ध जापान इस बार फोकस देश है. साथ ही, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया भी फोकस में सहयोगी हैं.
ऑस्कर विजेता और ऑस्कर के लिए अधिकृत नामांकित फिल्मों के साथ कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में पुरस्कृत फिल्में भी समारोह में प्रदर्शित होंगी. इनमें ‘इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट’, ‘फादर मदर सिस्टर ब्रदर’, ‘सिराट’, ‘ड्रीम्स’, ‘नो अदर चॉइस’, ‘द मैसेज’ और ‘ग्लोमिंग इन लुओमू’, ‘जैसी चर्चित फिल्में भी हैं, जो ‘वेनिस’, ‘कान’, ‘बर्लिन’ और ‘बुसान’ फिल्म समारोह में पुरस्कृत हो चुकी हैं. समारोह में ‘इंडियन पैनोरमा’ की फिल्मों की तरफ भारत ही नहीं, विदेशी फिल्मकारों का भी विशेष रुझान रहता है. समारोह में ‘इंडियन पैनोरमा’ की कुल 25 फिल्मों में हिंदी की ‘तन्वी द ग्रेट’, ‘द बंगाल फाइल्स’ और ‘ग्राउंड जीरो’ के साथ मुख्यधारा की ‘छावा’ और एक नवोदित निर्देशक करण सिंह त्यागी की ‘केसरी चैप्टर-2’ भी है. इंडियन पैनोरमा खंड का उद्घाटन तमिल फिल्म ‘अमरन’ से होगा. इस समारोह में 2023 से फीचर फिल्मों के साथ-साथ ओटीटी फिल्मों-सीरीज को भी शामिल और पुरस्कृत किया जाता है. ऐसा करने से समारोह में एक नया रंग और नया उत्साह दिखने लगा है. इस बार भी ‘मिट्टी’, ‘पाताल लोक-2’, ‘ब्लैक वारंट’, ‘बंदिश बैंडिट्स-2’ और ‘सुजल-2’ वेब सीरीज समारोह का हिस्सा हैं.
दिवंगत फिल्मी हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के लिए इस बार कामिनी कौशल की ‘शहीद’ और असरानी की ‘फियर’ फिल्म का प्रदर्शन भी होगा. साथ ही फिल्मकारों की शताब्दी में गुरुदत्त, राज खोसला, भूपेन हजारिका, ऋत्विक घटक, पी भानुमति और सलिल चौधरी की फिल्में दिखा कर उनके योगदान को भी याद किया जायेगा. समापन समारोह में स्वर्ण कमल, रजत कमल पाने वाली फिल्मों के साथ अभिनेता रजनीकांत को भी फिल्मों में उनके 50 वर्ष पूरे होने पर सम्मानित किया जायेगा.
(ये लेखक के निजी विचार हैं.)
