आतंकवाद के विरुद्ध

india pakistan border : भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों तक में निशाना तो साधा ही, बल्कि उसके बाद पाक सेना की उकसाऊ आक्रामकता का जवाब देते हुए उसके एयर डिफेंस सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया.

india pakistan border : पहलगाम हमले का करारा जवाब देने के बाद पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में सघन गोलीबारी करने के साथ-साथ उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई शहरों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की जो कोशिश की है, उससे उसकी बौखलाहट का ही पता चलता है. पाकिस्तान के हमले की कोशिशों को बेअसर कर दिया गया. आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम देकर और सैन्य मोर्चे के साथ-साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी दो महिला सेनाधिकारियों को बिठाकर भारत ने पहलगाम हमले के सूत्रधारों को महिला शक्ति का एहसास कराने के साथ-साथ धर्म के नाम पर बांटने की उसकी साजिश को भी बेनकाब कर दिया.

भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों तक में निशाना तो साधा ही, बल्कि उसके बाद पाक सेना की उकसाऊ आक्रामकता का जवाब देते हुए उसके एयर डिफेंस सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया. जवाबी कार्रवाई करने के समय से ही भारत पाकिस्तान को दो संदेश एक साथ दे रहा है- आतंकी हमले का करारा जवाब दिया जायेगा, साथ ही, पाकिस्तान के खिलाफ उकसाने वाली कार्रवाई से बचा जायेगा. पाकिस्तान की तुलना में मजबूत सैन्य शक्ति होने और वैश्विक स्तर पर उससे कहीं ज्यादा कूटनीतिक समर्थन होने के बावजूद भारत जिम्मेदारी का परिचय दे रहा है.

सैन्य कार्रवाई के बाद सरकार द्वारा बुलाये गये सर्वदलीय सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को विपक्षी दलों की ओर से पूरा समर्थन मिला, जो स्वाभाविक ही है. इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी जारी है, और पाकिस्तान की उकसावे वाली गतिविधि जारी रही, तो फिर सैन्य कार्रवाई की जायेगी. पाकिस्तान को जवाब दिये जाने के बाद अब जरूरी यह भी है कि पंजाब और दूसरे सीमावर्ती राज्यों की सुरक्षा पूरी तरह मुस्तैद की जाये.

गृह मंत्री ने सीमावर्ती राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पुलिस अधिकारियों से बातचीत में सुरक्षा बनाये रखने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर देश विरोधी दुष्प्रचार पर कड़ी नजर रखने तथा उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का जो निर्देश दिया है, उसे समझा जा सकता है. सीमा पर तनाव के कारण अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां जहां रद्द कर दी गयी हैं, वहीं जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अर्धसानिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी जा रही हैं. जाहिर है कि आतंकवाद को करारा जवाब देने के बाद अब सीमांत इलाकों समेत पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखना आवश्यक है.

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