भीड़ से बचना जरूरी

हमें बाजारों, सार्वजनिक स्थानों, उपासना स्थलों की भीड़ का हिस्सा बनने से बचना है, क्योंकि कुछ राज्यों में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है.

कई पर्यटन स्थलों पर भीड़ देखी जा रही है. सामाजिक, राजनीतिक या धार्मिक वजहों से भी जुटान हो रही है. इससे संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को बल मिलने लगा है. बढ़ती भीड़ के मद्देनजर आइसीएमआर के विशेषज्ञों ने खास एहतियात बरतने की सलाह दी है. हिमाचल प्रदेश के आंकड़ों से स्पष्ट है कि त्योहारों के मौसम में पर्यटकों की वजह से आबादी में 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हो जाती है.

उमड़ती भीड़ से तीसरी लहर की गंभीरता 47 प्रतिशत तक बढ़ सकती है यानी आवाजाही के प्रतिबंधों में ढील संक्रमण की एक अन्य लहर का कारण बन सकती है. आइसीएमआर के बलराम भार्गव, समीरन पांडा और संदीप मंडल तथा इंपीरियल कॉलेज लंदन के निमालन अरिनामिनपथी के शोध पत्र ‘कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के भीतर जिम्मेदारी पूर्ण यात्रा’ में चेताया गया है कि जनघनत्व बढ़ने से तीसरी लहर गंभीर हो सकती है.

दूसरी लहर के दौरान संक्रमण की तीव्रता कम जनघनत्व वाले राज्यों में अपेक्षाकृत कम थी. हालांकि, अब देश में वैक्सीन की 90 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं, लेकिन ध्यान रखें महामारी के खिलाफ जंग अभी खत्म नहीं हुई है. अभी 100 करोड़ से अधिक लोगों के टीकाकरण और हर एक को दूसरी खुराक मुहैया कराने का बड़ा लक्ष्य हासिल करना है. त्योहारों की शुरुआत हो रही है, हमें बाजारों, सार्वजनिक स्थानों, उपासना स्थलों पर जमा होती भीड़ का हिस्सा बनने से बचना है, क्योंकि कुछ राज्यों में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है.

अब भी कुछ देश महामारी की गंभीरता का सामना कर रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने त्योहारों के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिशा-निर्देश जारी किये हैं. दीवाली के बाद दो हफ्तों तक विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. कुछ जगहों पर डेंगू, स्क्रब टाइफस, टाइफॉयड बुखार और वायुजनित रोगों के मामलों में तेजी आयी है. ऐसे में कोविड या फ्लू, डेंगू, टाइफॉयड बुखार या वायरल हेपेटाइटिस में अंतर कर पाना डॉक्टरों के लिए मुश्किल हो रहा है.

बीमारी की चपेट में आने से बचने के लिए हमें मास्क पहने के साथ-साथ भीड़भाड़ से दूर रहना होगा. समय के साथ वैक्सीन से उत्पन्न प्रतिरक्षा की प्रकृति और असर में भी बदलाव आता है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा कोविड-19 वैक्सीन उत्पादक है, लेकिन यह भी सच है कि भारत को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी का टीकाकरण करना है. टीकाकरण से सामान्य जनजीवन, आवाजाही में सहूलियत मिलेगी.

चूंकि, घरेलू पर्यटन पर रोक संबंधित कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं है, लिहाजा पर्यटन स्थलों वाले राज्यों को पर्यटन से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए स्पष्ट मानदंड बनाने चाहिए. तीसरी लहर की संभावना और गंभीरता के बारे में अभी स्पष्ट नहीं है. अत: देश-समाज के हितों के मद्देनजर पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और जिम्मेदार स्थानीय प्राधिकरणों को जिम्मेदारी भरा बर्ताव करने की आवश्यकता है.

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