आइआइटी मद्रास में जघन्य कृत्य

विगत दिनों आइआइटी मद्रास से एक गैर-शैक्षणिक एवं गैर-जिम्मेदराना कृत्य की खबर आयी. भारत जैसे सांप्रदायिक सद्भावना वाले देश में ऐसी हरकत घोर निंदनीय है. आइआइटी जैसे प्रतिष्ठान अपने शैक्षणिक माहौल के लिए जाना जाता रहा है और वहां अगर सामाजिक तौर पर विद्वेष फैलाने वाला काम हो, तो भारत सरकार को और देश की […]

विगत दिनों आइआइटी मद्रास से एक गैर-शैक्षणिक एवं गैर-जिम्मेदराना कृत्य की खबर आयी. भारत जैसे सांप्रदायिक सद्भावना वाले देश में ऐसी हरकत घोर निंदनीय है. आइआइटी जैसे प्रतिष्ठान अपने शैक्षणिक माहौल के लिए जाना जाता रहा है और वहां अगर सामाजिक तौर पर विद्वेष फैलाने वाला काम हो, तो भारत सरकार को और देश की न्यायपालिका को स्वतः संज्ञान लेकर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए.
एक शोधार्थी का यह कृत्य सोचने के लिए मजबूर करता है कि क्यों नहीं उन पर आपराधिक मामला दर्ज हो क्योंकि शोधार्थी का यह कार्य प्रतिष्ठान के लिए आपत्तिजनक व लज्जाजनक है. देश ऐसी वारदातों को माफ नहीं करेगा और शैक्षणिक संस्थाओं को ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सतर्क रहना चाहिए.
डॉ मनोज ‘आजिज’, जमशेदपुर

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