आत्मसमर्पण नक्सली की या सरकार की ?

इस नृशंस हत्यारे को आत्मसमर्पण नीति के तहत इतनी मोटी राशि देना क्या तार्किक और समुचित है? यह आत्मसमर्पण वास्तव में किसका माना जाये, नक्सली का या फिर सरकार, शासन और प्रशासन का? क्या 15 लाख की राशि कथित समर्पण के दौरान मिलनेवाला मान-सम्मान और ख्याति हमारे बेरोजगार व गरीब युवाओं को अपराध की दुनिया […]

इस नृशंस हत्यारे को आत्मसमर्पण नीति के तहत इतनी मोटी राशि देना क्या तार्किक और समुचित है? यह आत्मसमर्पण वास्तव में किसका माना जाये, नक्सली का या फिर सरकार, शासन और प्रशासन का? क्या 15 लाख की राशि कथित समर्पण के दौरान मिलनेवाला मान-सम्मान और ख्याति हमारे बेरोजगार व गरीब युवाओं को अपराध की दुनिया में कैरियर बनाने के लिए प्रेरित नहीं करेगी?
क्या आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति पर एक बार गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता नहीं है? जरा सोचें कि इस खबर को देख और पढ़ कर उस परिवारों पर क्या गुजरी होगी, जिनके पालनहार सदस्य की निर्मम हत्या इन लोगों ने महज इसलिए कर दी कि वे वर्दी और देश के प्रति वफादार थे?
सुरजीत झा, गोड्डा

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