हमारे सैनिकों के सिर कट जाने पर हमारे वित्त मंत्री ने वही घिसा-पिटा बयान दिया. यह इस देश का दुर्भाग्य है कि सवा अरब लोगों में कोई एक भी आदमी ऐसा नहीं है, जो पूर्णकालिक रक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय का कार्यभार संभाले. कितने दुःख और शर्म की बात है कि, जो लोग इस देश की रक्षा में अपना सिर कटा देते हैं, उन्हें ये सरकार खराब खाने की शिकायत करने पर नौकरी से निकाल देती है. दुनिया का एक छोटा-सा देश है इजरायल, जो चार मुसलिम देश के बीच है.
उसे नष्ट करने की जब भी कोशिश की गयी, उसने उसका ऐसा जवाब दिया कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को उसे रोकने के लिए आग्रह करना पड़ा. क्या हम इजराइल से प्रेरणा नहीं ले सकते? हमारे नेता कब-तक केवल बयान-बहादुर बनकर इस देश की जनता और यहां की फौज की बेइज्जती कराते रहेंगे?
निर्मल कुमार शर्मा, इमेल से
