कुछ दिन पहले एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें एक लड़की रो-रो कर स्वामी श्री देवकीनंदन ठाकुर जी से अपने प्रवचनों में दहेज के बारे में आधा घंटा बताने का अनुरोध कर रही थी और आज अखबार में पिठोरिया की एक लड़की द्वारा अपने दहेज लोभी दूल्हे का सिर मुंडवा कर निकाह तोड़ने की खबर प्रकाशित हुई है.
बेशक हमें पिठोरिया की घटना से सीख लेनी चाहिए. हममें से कितनों ने स्कूल के दिनों में दहेज प्रथा के खिलाफ लंबे-लंबे निबंध लिखे होंगे, मगर इसे जीवन में लागू करने में हम असफल हैं. हमें आत्ममूल्यांकन करना चाहिए कि आखिर क्यों हमारा समाज इस मुद्दे पर अपने आप को असहाय पाता है?
ज्ञानरंजन, तेतरी,नामकुम, रांची
