सुकमा की घटना फिर न हो

सुकमा में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद, कुपवाड़ा में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद, ऐसे वाक्य हम बार-बार सुन रहे हैं. आखिर क्यों ज्यादातर अर्ध सैनिक बल के ही जवान शहीद होते हैं? दरअसल हमारी सरकार निर्णय लेने में कहीं-न-कहीं चूक कर रही है़ हम उन इलाकों में अर्ध सैनिक बलों की जगह कमांडो की […]

सुकमा में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद, कुपवाड़ा में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद, ऐसे वाक्य हम बार-बार सुन रहे हैं. आखिर क्यों ज्यादातर अर्ध सैनिक बल के ही जवान शहीद होते हैं?
दरअसल हमारी सरकार निर्णय लेने में कहीं-न-कहीं चूक कर रही है़ हम उन इलाकों में अर्ध सैनिक बलों की जगह कमांडो की तैनाती क्यों नहीं करते, जहां सुकमा जैसी परिस्थितियां बन चुकी हैं? आंतरिक मामलों में आये दिन जवानों का शहीद होना, हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्न है. हमें ऐसे मामलोें में या तो अपने जवानों के ट्रेनिंग पैटर्न में बदलाव करना होगा या सेना की एेसी जगहों पर तैनाती करनी होगी.
ओमप्रकाश प्रसाद, हुगली

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