प्रत्येक बार की तरह इस बार भी हाल ही में छठी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2016 का रिजल्ट पर कई प्रश्न चिह्न है. यथा आयोग द्वारा कट ऑफ मार्क्स जारी न करना, स्थानीय की जगह बाहरी लोगों को आरक्षण का लाभ देना, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों को सामान्य वर्ग की कोटि की तुलना में अधिक अंक लाने पर भी फेल कर देना.
इसके साथ ही आयोग के सचिव का आनन–फानन में तबादला कर देना जैसे कई कारणों से इसमें भ्रष्टाचार की भारी बू नजर आती है. अच्छा होगा कि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए इस आयोग को ही भंग कर िदया जाये, ताकि छात्र अवसाद से ग्रसित न हों.
पृथु कुमार, हजारीबाग
