किसानों की आत्महत्या

देश में लगातार किसान कर्ज की समस्या से जूझते हुए आत्महत्या कर रहे हैं, जो काफी चिंताजनक है. हर रोज देश के किसी न किसी कोने से किसान की आत्महत्या की खबर आ रही है और सरकार द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. हाल ही में किसानों ने दिल्ली में नरमुंड […]

देश में लगातार किसान कर्ज की समस्या से जूझते हुए आत्महत्या कर रहे हैं, जो काफी चिंताजनक है. हर रोज देश के किसी न किसी कोने से किसान की आत्महत्या की खबर आ रही है और सरकार द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. हाल ही में किसानों ने दिल्ली में नरमुंड के साथ प्रदर्शन भी किया था, किंतु उसका सरकार पर कोई भी असर होता हुआ नहीं दिखता. ऐसा जान पड़ता है कि किसानों की आत्महत्या के विषय पर केवल राजनीति हो रही है और सभी सरकारें कॉरपोरेट जगत के हितों की पूर्ति में लगी हुई है.

सरकार से यह उम्मीद है कि वो किसानों के हितों की रक्षा करे और उनकी जान बचाने का प्रयास करे. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो लोग खेती से मुंह मोड़ने को विवश हो जायेंगे.

डॉ प्रभात कुमार, जयपुर

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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