अफ्रीकी छात्रों की सुरक्षा

भारत का अफ्रीकी देशों के साथ जो सौहार्दपूर्ण संबंध रहा है उसमें खटास आना शुरू हो गया है. जिस प्रकार से ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी छात्रों के साथ मार पिटाई की गयी, उससे अफ्रीकी देशों ने नस्लीय भेदभाव एवं रंगभेदीय हिंसा का दर्जा दिया है. अफ्रीकी मुल्क हमारे खिलाफ राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार परिषद् में लिखित […]

भारत का अफ्रीकी देशों के साथ जो सौहार्दपूर्ण संबंध रहा है उसमें खटास आना शुरू हो गया है. जिस प्रकार से ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी छात्रों के साथ मार पिटाई की गयी, उससे अफ्रीकी देशों ने नस्लीय भेदभाव एवं रंगभेदीय हिंसा का दर्जा दिया है.
अफ्रीकी मुल्क हमारे खिलाफ राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार परिषद् में लिखित शिकायत करने की बात की है, तो यह निश्चित ही हमारे लिए चिंता एवं शर्मिंदगी की बात है. पिछले ढाई सालों में हमारे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री ने करीब 15 अफ्रीकी देशों का दौरा किया है. यह सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं है. आखिर हमने जितने भी विदेशियों को वीसा प्रदान किया है, उनकी सुरक्षा करना हमारा प्रथम कर्तव्य है.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी

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