भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति बनाना आदि ऐसे मामलों में देश में सरकारी अधिकारियों के समावेश का प्रमाण बहुत ज्यादा रहता है. घूस लेकर काम करनेवालों पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए. प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी की 36 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है.
ऐसे अधिकारी ही जनता की सेवा करना तो दूर, उसका शोषण करने में लगे रहते हैं. घूस लेकर कम समय में अमीर हो रहे अधिकारी, सरकार और जनता के बीच की बड़ी दीवार हैं. इसे गिराने के लिए सरकार को ‘एक्शन प्लान’ बनाना चाहिए. देश का आम आदमी तब खुश होगा, जब घूस लेनेवालों को रास्ते से हटा कर उन पर कड़ी कार्रवाई होगी.
अमित पडियार, इमेल से
