तृणमूल की चुप्पी

भाजपा के विरुद्ध मुखर होकर बोलने वाली तृणमूल नेत्री एवं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों एकदम खामोश हैं. मणिपुर चुनाव में उनकी पार्टी के सुरेश सिंह को जीत हासिल हुई. वह भी भाजपा के समर्थन में चले गये. त्रिपुरा में 400 कार्यकर्ता पार्टी छोड़ कर भाजपा में चले गये. फिर भी कोई […]

भाजपा के विरुद्ध मुखर होकर बोलने वाली तृणमूल नेत्री एवं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों एकदम खामोश हैं. मणिपुर चुनाव में उनकी पार्टी के सुरेश सिंह को जीत हासिल हुई.
वह भी भाजपा के समर्थन में चले गये. त्रिपुरा में 400 कार्यकर्ता पार्टी छोड़ कर भाजपा में चले गये. फिर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं. कहीं यह नारदा स्टिंग ऑपरेशन का कमाल तो नहीं! जिसके तहत पिछले दो सालों में तृणमूल के 12 मंत्री एवं नेता घूस लेते कैमरे में पकड़े गये. सीबीआई जांच के आदेश दिया जा चुका है. आखिर तृणमूल भी उन्हीं परंपरागत राजनीतिक बिरादरी का हिस्सा हो गयी है, जो सेवा के नाम से तो आये थे, मगर भटक गये.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >