बदलाव हमेशा ही कौतुहल व मिश्रित भावों से परिपूर्ण वातावरण की रचना करता है. कुछ बदलाव सकारात्मक प्रभाव डालते हैं, तो कुछ भारी रोष व उन्माद का कारण बनते हैं. देश में हुए दो बदलाओं पर गौर करना जरूरी है. पहला हमारे मुल्क के आलाकमान व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गये नोटबंदी के फैसले के नफा-नुकसान का और दूसरा यूपी के नवचयनित मुख्यमंत्री योगी आदित्यराज द्वारा उठाये गये कदमों के भावी प्रभावों का. साफ है, जनता की भलाई को मद्देनजर रखकर ही ये कदम उठाये गये हैं. पर कहीं न कहीं भारी चूक रही और रहने का अंदेशा भी है.
एक तरफ नोटबंदी अपने उद्देश्यों को पूर्ण तरीके से हासिल करने में नाकाम रही, तो दूसरी तरफ यूपी में योगी सरकार के आदेश के पश्चात दिखी कुछ तस्वीरें विचलित करती हैं. मनचले युवकों के कुकृत्यों को संयमित करने हेतु यूपी पुलिस जिस कदर अपना काम कर रही है, वो चैन की सांसें प्रदान करती हैं, लेकिन गलत तरीके से अमल में आने के डर से चिंता की लकीरें भी उकेरती हैं.
आदित्य शर्मा, इमेल से
