सरकार शराब बेचे, यह किसी भी दृष्टिकोण से ठीक नहीं लग रहा. इसका मतलब सरकार को अपने राजस्व की पड़ी है, राज्य की कोई चिंता नहीं है. लोगों पर दुष्प्रभाव पड़े, इससे सरकार को काई फर्क नहीं पड़ता है. शराब छोड़ कर कोई और प्रोडक्ट बेचने की बात करता तो ठीक लगता.
पर जहां हर राज्य शराब मुक्त बनाने की दिशा में बढ़ने की सोच रहा है, वहां हमारी राज्य सरकार शराब बेच कर पैसा कमाने की बात कर रही है. मुझे शर्म आती है ऐसे राज्य का नागरिक होने पर. मेरा मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि वे शराब पर व्यवसाय करना बंद कर कोई और चीज के बारे में सोचे. क्योंकि शराब बिक्री से फायदा तो होगा, इसमें कोई शक नहीं. पर दुष्प्रभाव पड़ेगा. सरकार इस पर जरूर सोचे.
पालुराम हेमब्रम, सालगझारी
