अभी हाल ही में यूपी के चुनाव में बीजेपी एक मजबूत पार्टी के रूप में उभर कर सामने आयी है और उन्हें वहां सरकार बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. यह काफी खुशी की बात है कि पूर्ण बहुमत की सरकार केंद्र में भी और राज्य में भी हो, लेकिन सीएम के लिए एक विवादित कट्टरपंथ सोच रखनेवाले को चुना जाना, काफी निराशाजनक है. यह भारतीय एकता के लिए एक मजाक है.
कहीं ऐसा न हो कि यूपी का यह भगवा रंग हमारे कौमी एकता को लाल कर दे. किसी संयासी को यूं कहें तो हमारे भाईचारे को शब्दों से तोड़ने की बात करनेवाले को किसी राज्य का इतना बड़ा पद नहीं मिलना चाहिए, चाहे वो योगी हो या कोई ओवैसी. कट्टरपंथ की सोच रखनेवाले को सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए. कहीं ऐसा न हो कि हमारे भाईचारे को चोट पहुंचे.
मो. नौशाद आलम, धनबाद
