निजी अस्पतालों और निजी डॉक्टरों के देखभाल में होने वाले प्रसव में सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या में भारी बढ़ोतरी हो रही है. चौथे राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण में यह सच सामने आया है. गर्भवती महिला और परिवार वाले इस समस्या से कैसे बचे? यह बड़ा सवाल उनके सामने है.
सिजेरियन से होने वाले मुनाफे पर ही ध्यान देते आने के कारण देश में सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या बढ़ती जा रही है. इस पर किसी भी सरकारी व्यवस्था का बिलकुल नियंत्रण नहीं है. डॉक्टर और उनके अस्पतालों पर कोई कारवाई नहीं की जा रही है. पैसे कमाने का यह तरीका गलत है. पैसों के लालच में अंधे हो चुके वालों को रोकने के लिए कौन सामने आयेगा? देश को उसका बेसब्री से इंतजार है.
अर्पिता पाठक, इमेल से
