गुरमेहर कौर का एक छात्र संगठन की हिंसा के खिलाफ सोशल मीडिया पर मामूली सा विरोध राजनीति का अखाड़ा बन गया है. बड़ी चालाकी से कौर के द्वारा पोस्ट किये गये वीडियो में से एक खास हिस्सा काटकर के शहीद की उस बेटी को देशद्रोही साबित कर दिया गया है. शांति बहाली का काम जब एक वीडियो के जरिये गुरमेहर कौर ने किया तो वो देशद्रोही हो गयी.
गुरमेहर के मामले में तो केंद्र सरकार भी उन गुंडों के समर्थन में उतर आयी. किरन रिजिजू ने कहा कि कौर को कोई बहका रहा है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए था कि उनके कार्यकर्ताओं को आइएसआइ के लिए देश की दलाली करने के लिए कौन बहका रहा है. किसी सरकार या विचारधारा का विरोध देश का विरोध नहीं है. लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए विरोध जरूरी है.
सूरज कुमार बैरवा, राजस्थान विवि
