धीरे -धीरे गरमी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है. गरमी शुरू होते ही गरीब ग्रामीण के मन में रोजगार की चिंता भी दस्तक देने लगी है, कि गरमी में क्या काम मिलेगा? कैसे आजीविका का पालन हो? क्योंकि गरमी में उसके पास कोई नियमित रोजगार नही होता है.
गरीब किसान के पास खरीफ (धान) फसल के बाद कोई भी कृषि कार्य करने का साधन नहीं रहता है. इसलिए ग्रामीण परेशान रहते हैं, और गरीबी झेलने पर विवश है. सरकार को एक गरीब परिवार में जीवन की ज्योति जलाने पर विचार करे. समय रहते गरीबी उन्मूलन योजना चलाये, जिसमें सभी प्रकार के ग्रामीण रोजगार को प्रोत्साहन मिल सके. ऐसी योजनाओं में कृषि, पशुपालन, वृक्षारोपण, सिंचाई, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन आदि के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में असीम साधन और संभावनाएं हैं जो बेरोजगारी की समस्या को जड़ से समाप्त कर सकता है. ऐसी योजनाओं को लागू करने की आवश्यकता है, जिससे ग्रामीणों को अपने गांव में ही रोजगार मिल सके.
गदाधर महतो, कुड़ियामु, रांची
