निवेशकों को लुभाने के लिए रातों रात राजधानी को दुल्हन की तरह सजा दिया गया. जो काम पिछले कई सालों में नहीं हुआ वो एक दिन में हुआ. इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किये गये, जो व्यर्थ चला गया क्योंकि जनता भी जानती है कि साजो-सज्जा से निवेशक आकर्षित नहीं होंगे.
अगर निवेशकों को आकर्षित करना है, तो उन्हें संसाधन उपलब्ध कराने होंगे. पहले भी झारखंड में निवेशक आये थे लेकिन उचित संसाधन के अभाव में दूसरे राज्य में चले गये.
लता प्रसाद, पीपी कंपाउंड, रांची
