खबरों के अनुसार रघुवर सरकार ने शराब की बिक्री का मन बना लिया है, जिसके कारण पक्ष और विपक्ष के लोग आमने-सामने आ गये हैं. वैसे तो शराब की बिक्री कोई करे, शराब पीना गुनाह नहीं है, शराबी बनना गुनाह है, एक सामाजिक बुराई है और विक्षिप्त मानसिकता है.
अत: शोध इस पर होनी चाहिए कि शराब पीने के बुनियादी कारण क्या हैं जो लोगों को पीने के लिए मजबूर करता है. यदि जड़ को काट दिया जाये, तो मामला शांत. अंत में, इस मंच से, रघुवर सरकार से निवेदन है कि उपर्युक्त बातों को गंभीरता से संज्ञान लेकर कोई ठोस कदम पर निर्णय लेने की कृपा करें !
महाबीर साहू, हटिया, रांची
